नई दिल्ली: अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर बड़ी घोषणा हुई है। मनोज सिन्हा के कार्यालय ने यात्रा का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। इस वर्ष यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 (रक्षाबंधन) के दिन समाप्त होगी। कुल 57 दिनों तक यह यात्रा चलेगी।
29 जून को होगी प्रथम पूजा
यात्रा से पहले भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए 29 जून 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर ‘प्रथम पूजा’ आयोजित की जाएगी।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से रजिस्ट्रेशन
श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। देशभर में बैंक शाखाओं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध होगी, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु आसानी से यात्रा में शामिल हो सकें।
13 से 70 वर्ष के श्रद्धालु ही कर सकेंगे यात्रा
प्रशासन के अनुसार, केवल 13 से 70 वर्ष की आयु के लोग ही इस यात्रा में भाग ले सकेंगे। यह निर्णय सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
दो मार्गों से होगी यात्रा
श्रद्धालुओं को अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए दो रास्तों का विकल्प मिलेगा पारंपरिक मार्ग: पहलगाम के नुनवान से शुरू होकर करीब 48 किलोमीटर लंबा रास्ता, जो अनंतनाग जिले से होकर गुजरता है।
छोटा मार्ग: बालटाल से 14 किलोमीटर का छोटा लेकिन ज्यादा कठिन रास्ता।
सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान
प्रशासन ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुगम आवागमन के लिए व्यापक इंतजाम करने की बात कही है। हर साल लाखों श्रद्धालु इस पवित्र गुफा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे यह यात्रा आस्था और श्रद्धा का बड़ा केंद्र बन जाती है।
आस्था और उत्साह का संगम
अमरनाथ यात्रा भारत की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में से एक है, जो हर साल श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। इस बार भी यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
