नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को हरियाणा के फरीदाबाद में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (Northern Zonal Council) की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक गृह मंत्रालय के इंटर-स्टेट काउंसिल सचिवालय द्वारा आयोजित की जा रही है, जबकि मेजबानी हरियाणा सरकार कर रही है।
कौन-कौन होंगे शामिल?
उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ शामिल हैं। बैठक में इन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, वरिष्ठ अधिकारी और केंद्र सरकार के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इन मुद्दों पर होगी बड़ी चर्चा
बैठक में कई अहम विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है
शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली से जुड़े मुद्दे
महिलाओं व बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों की तेजी से जांच सुनिश्चित करना
फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स की प्रगति
हर गांव के चिन्हित क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना
इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) के बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा
इसके अलावा क्षेत्रीय स्तर के साझा मुद्दे भी बैठक के एजेंडे में शामिल होंगे।
क्या है उत्तरी क्षेत्रीय परिषद?
उत्तरी क्षेत्रीय परिषद, देश की पांच ज़ोनल काउंसिल में से एक है, जिसे States Reorganisation Act, 1956 की धारा 15 से 22 के तहत स्थापित किया गया था।
राज्यों द्वारा प्रस्तावित मुद्दे पहले परिषद की स्थायी समिति में चर्चा के लिए रखे जाते हैं, इसके बाद उन्हें मुख्य बैठक में विचार के लिए भेजा जाता है।
सलाहकारी भूमिका, लेकिन बड़ा प्रभाव
हालांकि परिषद की भूमिका सलाहकारी है, फिर भी यह केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग, विवादों के समाधान और विकास से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनाने में अहम योगदान देती है। इसके माध्यम से सदस्य राज्यों के बीच आपसी समझ और सहयोग को बढ़ावा मिलता है।
11 साल में 63 बैठकें
पिछले 11 वर्षों में विभिन्न ज़ोनल काउंसिलों और उनकी स्थायी समितियों की कुल 63 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।
