हिमाचल का लाल हुआ शहीद, मां से किया था वादा ‘मैं जल्दी वापस आऊंगा’

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ऊना. जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में हिमाचल के ऊना जिले का लाल अनिल कुमार शहीद हो गया. शहीद अनिल मां और पत्नी से किया वादा अब कभी पूरा नहीं कर पाएगा. दस दिन पहले 15 दिन की छुट्टी काटकर ड्यूटी पर जाते वक्त अनिल ने पत्नी श्वेता व मां अनिता से वादा किया था कि वह जल्द दोबारा छुट्टी लेकर आएंगे और अपने छह महीने के बेटे वरूण से खूब खेलेंगे. जाबांज बेटा अनिल कुमार का दो दिन बाद जन्मदिन था.

लंबे समय तक देश की सेवा कर रिटायर्ड हुए अशोक कुमार को जितना गर्व बेटे के फौज में भर्ती के समय हुआ थी, उतना ही गर्व 6 वर्ष बाद भी बेटे की शहादत पाने पर हो रहा है. लेकिन समय ऐसा है कि इस गर्व के बीच पूर्व सैनिक पिता अशोक कुमार के आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. किसी तरह खुद को संभालकर न केवल परिवार का ढांढस बंधा रहे हैं. वहीं छह महीने के पौते वरूण जसवाल में ही अपने बेटे अनिल को देख अपने भविष्य के बारे में सोच रहे हैं.

ये खबर सुनता ही पिता पर टूटा पहाड़

जब बेटे के घायल होने के समाचार उनके घर पहुंचा था, तब सभी उसकी सलामती के लिए दुआएं कर रहे थे, लेकिन मंगलवार सुबह सेना अधिकारी का फोन आया कि घायल अनिल देश के लिए शहीद हो गए. ये शब्द सुनते ही जैसे पिता पर पहाड़ टूट गया हो. लेकिन, पिता ने नम आंखों को जाहिर नहीं होने दिया और काफी घंटे तक परिवार को इस बात की जानकारी के लिए तैयार किया. जैसे ही शहीद की माता अनिता को खबर लगी, तो उसका रो-रोकर हाल बेहाल हो गया.

गांव का माहौल गमगीन

दोपहर बाद जैसे ही पत्नी श्वेता ने पति की शहादत की खबर सुनीं, तो पूरे घर सहित गांव का माहौल गमगीन हो गया. आंखों में आंसू भरे श्वेता दुधमुहे बच्चें को कलेजे से लगाए रखा. मासूम के ज्यादा रोने पर मां श्वेता खुद को संभालकर वरूण जसवाल को चुप भी कराती रही. वहीं संगे संबंधियों व पड़ोसियों ने भी श्वेता का ढाढंस बंधाया। 25 वर्षीय अनिल कुमार पुत्र अशोक कुमार जिला ऊना के उपमंडल बंगाणा की ग्राम पंचायत चमियाडी के गांव सरोह का रहने वाले थे.