अनिल शर्मा को बनाना चाहिए था हिमाचल का सीएम : सुखराम

बेटे अनिल के बारे में सुखराम ने कही ये बड़ी बात-Panchayat Times

मंडी. पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम शर्मा ने कहा कि “हमने भाजपा के लिए प्रचार किया और 43 सीटें जीती. मुख्यमंत्री बनाने की बात आई तो वरिष्ठता में मेरा बेटा जो सदर से जीता था उसे न बनाकर जयराम ठाकुर को बनाया जबकि मैंने कहा था हमारी वजह से आप सत्ता में आए हो इसलिए अनिल को मौका मिलना चाहिए. जयराम ने राजस्थान आर.एस.एस. कनैक्शन से हाईकमान पर दबाव डाला और मुख्यमंत्री पद के लिए चुन लिए गए. मैं फिर दिल्ली में इनसे मिला और मैंने कहा कि मेरा बेटा काम करने की इच्छा रखता है इसलिए इसको लोक निर्माण विभाग और ऊर्जा मंत्री दूसरे स्थान पर बनाया जाए लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और सिर्फ ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा को बनाया. मैं अनिल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अन्य मंत्रियों को तीन-तीन विभाग दे दिए गए जबकि अनिल को मात्र एक. इसके बाद मैंने कहा कि मेरे पोते के लिए टिकट मंडी से दो मैं इसको सांसद बनना देखना चाहता हूं लेकिन इन्होंने टिकट नहीं दिया. हमसे कांग्रेस ने संपर्क किया और टिकट दे दिया और अब इसको जिताना चाहता हूं इसलिए वीरभद्र ङ्क्षसह से बात की. मैं जिंदा रहा तो मेरी अभिलाषा है कि मेरा सपना पोता आश्रय पूरा करेगा.”

मंडी संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा ने भाजपा को चुनौती दी है कि अनिल शर्मा को पार्टी से निकालकर बताओ, फिर पंडित सुखराम का रौद्र रूप देखो. शनिवार को आयोजित द्रंग ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के स मेलन में आश्रय शर्मा ने भाजपा पर जमकर निशाने साधे. आश्रय शर्मा ने कहा कि भाजपा नेता उनके पिता अनिल शर्मा पर भाजपा छोड़ने की धमकी दे रहे हैं. मेरे पिता जनता द्वारा चुनकर भेजे गए. वह अपना कार्यकाल पूरा होने तक सदर विधानसभा क्षेत्र की जनता की सेवा करते रहेंगे.  उन्होंने स्पष्ट किया कि अनिल शर्मा इस्तीफा नहीं देंगे यदि भाजपा में दम है तो वह अनिल शर्मा को पार्टी से निकालकर बताएं. अगर ऐसा वे करते हैं तो उसके बाद वे पंडित सुखराम का रौद्र रूप देखने को तैयार रहें.

सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि अनिल शर्मा ने अपने बेटे के प्रचार के लिए मंत्री पद छोड़ा है. अब वह भी अपने बेटे के लिए काम करेंगे. भाजपा के प्रत्याशी राम स्वरूप शर्मा मुख्यमंत्री के नाम पर वोट मांग रहे हैं जबकि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर वोट मांग रहे हैं क्योंकि इनके पास अपना कुछ भी काम गिनाने को नहीं है. इसलिए वह जनता को गुमराह करके वोट मांगने में जुटे हुए हैं.