प्रदेश के महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव का ऐलान

प्रदेश के महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव का ऐलान-Panchayat Times
प्रतीक चित्र

जयपुर. प्रदेश के 14 विश्वविद्यालय और उनसे संबंद्ध महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे. जोधपुर संभाग में 10 सितंबर को वहीं संपूर्ण प्रदेश में 31 अगस्त को चुनाव करवाए जाएंगे. प्रदेश भर में मतगणना 11 सिंतबर को एक साथ करवाई जाएगी.

उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने सोमवार को बताया कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार प्रदेश की सभी महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में चुनाव करवाए जाएंगे. उन्होंने बताया कि जोधपुर संभाग को छोड़कर समस्त प्रदेश भर में मतदाता सूचियों का प्रकाशन 23 अगस्त को किया जाएगा. 24 अगस्त को मतदाता सूचियों पर आपत्ति प्राप्त करना और मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा. 25 अगस्त को उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल कर पाएंगे.

इसी दिन उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी. वैद्य नामांकन सूची का प्रकाशन, उम्मीदवारों की ओर से नाम वापसी और उम्मीदवारों की अंतिम नामांकन सूची का प्रकाशन 27 अगस्त को होगा जबकि 31 अगस्त को सुबह 8 बजे से अपरान्ह 1 बजे तक मतदान प्रक्रिया सम्पादित की जाएगी.

प्रदेश के महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव का ऐलान-Panchayat Times

इसी तरह जोधपुर संभाग की महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में मतदाता सूचियों का प्रकाशन 01 सितंबर को किया जाएगा. 4 सितंबर को मतदाता सूचियों पर आपत्ति प्राप्त करना और मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा. 5 सितंबर को उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल कर पाएंगे.

इसी दिन उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी. वैद्य नामांकन सूची का प्रकाशन, उम्मीदवारों की ओर से नाम वापसी और उम्मीदवारों की अंतिम नामांकन सूची का प्रकाशन 6 सितंबर को होगा. जबकि 10 सितंबर को सुबह 8 बजे से अपरान्ह 1 बजे तक मतदान प्रक्रिया सम्पादित की जाएगी. प्रदेश भर की सभी महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों 11 सितंबर को चुनाव परिणामों की घोषणा और उम्मीदवारों को शपथ दिलवाई जाएगी.

माहेश्वरी ने कहा कि आगामी छात्रसंघ चुनाव लिंगदोह समिति की सिफारिशों के आधार पर ही होंगे. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कुलपति और महाविद्यालयों में प्राचार्य यह सुनिश्चित करें कि समिति की सिफारिशों का किसी भी स्तर पर उल्लंघन न हो.