नई दिल्ली. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज भारतीय रेल में 52 हफ्तों में 52 सुधारों के संकल्प के तहत दो और बड़े सुधारों की घोषणा की। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने तीसरे सुधार के रूप में रेल टेक नीति (Rail Tech Policy) का अनावरण किया।
मंत्री ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य रेलवे में बड़े पैमाने पर तकनीक को अपनाना है। इसके तहत इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों को जोड़कर रेलवे में नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा।
रेल टेक नीति की प्रमुख विशेषताएं
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह नीति रेलवे में व्यवस्थित और व्यापक तकनीकी समावेशन के लिए तैयार की गई है। प्रमुख नवाचार क्षेत्रों में शामिल हैं:
एआई आधारित Elephant Intrusion Detection System (हाथियों की ट्रैक पर घुसपैठ की पहचान)
कोचों में एआई आधारित फायर डिटेक्शन सिस्टम
ड्रोन आधारित टूटी रेल लाइन की पहचान प्रणाली
कोहरे में अवरोध (obstruction) की पहचान करने वाली तकनीक
रेल टेक पोर्टल भी लॉन्च
मंत्री ने इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए रेल टेक पोर्टल भी लॉन्च किया। यह पोर्टल रेलवे में नई तकनीकों और समाधानों को अपनाने के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा।
ई-रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल (RCT) की शुरुआत
चौथे सुधार के रूप में अश्विनी वैष्णव ने ई-रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल (e-RCT) प्रणाली की घोषणा की। यह एक नागरिक-केंद्रित डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल में मामलों की फाइलिंग, प्रोसेसिंग और निपटारे की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और आधुनिक बनाना है।
उन्होंने बताया कि यह प्रणाली देशभर के 23 आरसीटी बेंचों में दक्षता, जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाएगी। अगले 12 महीनों में सभी रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल बेंच पूरी तरह डिजिटल कर दिए जाएंगे।
पहले भी हुए दो बड़े सुधार
इससे पहले मंत्री बेहतर ऑनबोर्ड सेवाओं और अधिक सुविधाओं वाले गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों के विस्तार से जुड़े दो सुधारों की घोषणा कर चुके हैं।
यह कदम भारतीय रेल को तकनीकी रूप से सशक्त, आधुनिक और नागरिक-हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
