राजस्थान के चुनावी पिच पर एथलीट कृष्णा पूनिया आजमा रही भाग्य

राजस्थान के चुनावी पिच पर एथलीट कृष्णा पूनिया आजमा रही भाग्य

जयपुर/नई दिल्ली. राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक और दो बार एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रौशन करने वाली एथलीट कृष्णा पूनिया राजस्थान की सादुलपुर सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं. यहां उनका मुकाबला भाजपा के दिग्गज जाट नेता रामसिंह कस्वा से हो रहा है. ऐसे में इस सीट पर राजनेताओं के साथ ही खिलाड़ियों की निगाहें भी टिकी हुई हैं.

रामसिंह कस्वा चुरू से पूर्व में सांसद रह चुके हैं. वर्तमान में उनके पुत्र सांसद हैं. कृष्णा पूनिया को मैदान में उतारकर कांग्रेस ने जीत का समीकरण साधने का प्रयास किया है. युवाओं और खेलों से जुड़े लोगों में कृष्णा पूनिया का काफी सम्मान है. डिस्कस थ्रो खिलाड़ी कृष्णा पुनिया 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक और दो बार एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत चुकी हैं.

मैं किसी को हराने नहीं आई हूं, मैं हारने वालों को भी जीतने आई हूं : कृष्णा पूनिया

कृष्णा पूनिया का कहना है कि वह चाहती तो किसी भी क्षेत्र में काम कर सकती थीं, लेकिन समाज सेवा और विशेषकर युवाओं को आगे बढ़ाने सोच शुरू से ही थी. इसी कारण वह राजनीति में उतरीं. वह कहती हैं कि अब यदि चुनाव जीतती हूं तो महिलाओं और युवाओं के लिए काम करूंगी.

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि झूठ की राजनीति करने वाले दूसरों को भी खुद जैसा समझते हैं और सोचते हैं कि अफवाह फैलाकर वे चुनाव जीत लेंगे, परंतु यह सौभाग्य है कि मेरे राजगढ़ की जनता अब झूठ-सच को समझने लगी है और ऐसा होने नहीं देगी. मैं एक खिलाड़ी हूं, खेल जानती हूं. पिछले कुछ साल से राजनीति में हूं,

कृष्णा पूनिया ने कहा कि मैं किसान के घर में पैदा हुई साधारण महिला हूं, मैंने अपने होंसले से, मैंने अपनी हिम्मत से, मैंने अपनी मेहनत से साधारण होते हुए भी असाधारण काम किया है. दिन-रात खेल के मैदान में पसीना बहाया है. छोटे से बेटे को घर में छोड़कर मैदान से प्यार किया. मां की ममता से ज्यादा खेल को प्रेम किया. मैं जानती हूं कि किसी भी महिला के लिए संतान से अलग होकर देश के लिए काम करना कितना मुश्किल होता है. मैंने वह किया क्योंकि मेरे कोच, मेरे विभाग, मेरे देश ने मुझ पर विश्वास किया. मैंने वह विश्वास बनाए रखा और देश की आन-बान-शान तिरंगा झंडा पूरी दुनिया में फहराया.

कृष्णा पूनिया ने कहा कि मैं न्याय के लिए राजनीति में आई हूं. मैं विकास के लिए राजनीति में आई हूं. मैं आपके सुख-दुख में सहभागी होने के लिए राजनीति में आई हूं. मैं किसी को हराने नहीं आई हूं, मैं हारने वालों को भी जीतने आई हूं. मैं आपकी जीत की आवाज विधानसभा में पहुंचाने आई हूं. मेरी आवाज विधानसभा में गूंजे, आपके सच की आवाजे गूंजे. मेरी सच्ची बात सरकार माने. क्षेत्र का अपराध खत्म हो, भय खत्म हो, झूठ ख्त्म हो, घमंड खत्म हो. राजगढ खेल के लिए जाना जाए, राजगढ शिक्षा के लिए जाना जाए, राजगढ रोजगार के लिए जाना जाए, राजगढ शांति के लिए जाना जाए.