चतरा: गांवों में स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस का आयोजन, बच्चों को टीकाकरण समेत गर्भवती महिलाओं को दी जा रही है स्वास्थ्य संबंधित जानकारी

चतरा: गांवों में स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस का आयोजन, बच्चों को टीकाकरण समेत गर्भवती महिलाओं को दी जा रही है स्वास्थ्य संबंधित जानकारी - Panchayat Times
Official Inspecting a Village Chatra

चतरा. जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) का आयोजन किया जा रहा है. इसके प्रभावी संचालन को लेकर उपायुक्त द्वारा जिले के वरीय अधिकारियों को विभिन्न प्रखंडो का प्रभार सौंपा गया है. जिससे वीएचएसएनडी का बेहतर अनुश्रवण सुनिश्चित कराया जा सके.

इसके अलावे संबंधित प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, सभी एएनएम,सेविका, सहायिका, जेएसएलपीएस समेत अन्य संबंधित को भी वीएचएसएनडी के सफल आयोजन की जिम्मेवारी दी गई है.

आज सुबह से हीं सभी संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने निर्धारित क्षेत्र का दौरा कर रहे है. जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस पर अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं एवं माताओं को इस आयोजन से जोड़ा जा सके.

टीकाकरण समेत अन्य कार्यों का जायजा

उपायुक्त ने स्वयं पथलगड्डा प्रखंड पहुंच ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) के तहत किए जा रहे टीकाकरण समेत अन्य कार्यों का जायजा लिया. मौके पर मौजूद गर्भवती महिलाओं एवं माताओं से मिले उनके बच्चें की स्वास्थ्य की जानकारी लिया. साथ हीं समय-समय पर जरूरी टीकाकरण एवं पोषाहार के प्रति उन्हें जागरूक किया. मौके पर उपस्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं कंसल्टेंट, डॉ दीपक को उपायुक्त ने कई आवश्यक निर्देश दिए.

ज्ञात हो कि इसे और प्रभावी बनाने के लिए प्रसव पूर्व जांच एवं नियमित प्रतिरक्षण के अलावा मातृ, शिशु एवं किशोरी स्वास्थ्य ,पोषण, स्वच्छता एवं अन्य रोगों पर माताओं को जागरूक करने पर विशेष बल दिया जा रहा है. इसके लिए राज्य सरकार द्वारा जारी वीएचएसएनडी गाइड के तहत आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं एएनएम को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है.

ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस पर गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, पंजीकृत महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच की सुविधा उपलब्ध कराना, बच्चों का नियमित टीकाकरण, बच्चों का वजन कर कुपोषण की पहचान करने के अलावा स्वास्थ्य परामर्श पर भी बल दिया जा रहा है.

ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के मुख्य उद्देश्यः-

● गर्भावस्था के दौरान गंभीरता के संकेत एवं बेहतर देखभाल की जरूरत. प्रसव पूर्व तैयारी एवं संस्थागत प्रसव की जरूरत.

● प्रसव उपरांत देखभाल की जरूरत एवं नवजात शिशुओं की उचित देखभाल

● गर्भावस्था से लेकर शिशु जन्म के 2 वर्षों तक माता एवं बच्चे के बेहतर पोषण की आवश्यकता

● 6 माह तक सिर्फ स्तनपान एवं इसके बाद अनुपूरक आहार की जरूरत

● बच्चों में सम्पूर्ण टीकाकरण की जानकारी

● परिवार नियोजन साधनों की उपलब्धता एवं इसके फायदे

● स्वच्छता एवं साफ-सफाई से रोगों से बचाव

● संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों की जानकारी