झारखंड विधानसभा में बाबूलाल मरांडी को नहीं मिली नेता प्रतिपक्ष की मान्यता,भाजपा विधायकों ने किया जमकर हंगामा

झारखंड विधानसभा में बाबूलाल मरांडी को नहीं मिली नेता प्रतिपक्ष की मान्यता,भाजपा विधायकों ने किया जमकर हंगामा -Panchayat Times

रांची. झारखंड विधानसभा का बजट सत्र नए विधानसभा भवन में शुक्रवार से शुरू हो गया है. यह बजट सत्र 28 मार्च तक चलेगा. भाजपा में हाल ही में शामिल हुए बाबूलाल मरांडी को बतौर नेता प्रतिपक्ष की मान्यता नहीं दी जाने पर भाजपा के विधायक में गुस्सा देखने को मिला.

सुबह जैसे ही सत्र की कार्यवाही शुरू हुई वैसे ही भाजपा के विधायकों ने हगांमा शुरू कर दिया. कई विधायक सदन के बाहर जाकर धरने पर बैठकर नारेबाजी करने लगे. भाजपा विधायकों की मांग है कि बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष के रूप मान्यता दी जाए.

सत्ता पक्ष के विधायक भाजपा विधायकों के हंगामा का विरोध कर रहे थे. विधानसभा स्‍पीकर के बार-बार टोकने के बाद भी भाजपा विधायक अपनी सीट पर वापस आने को तैयार नहीं थे. इसके साथ ही हंगामे को बढ़ते देख विधानसभा अध्‍यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने कार्यवाही को सोमवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.

वहीं विधायक बिरंची नारायण ने कहा कि अगर बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष दर्जा नहीं मिला तो सदन नहीं चलने दिया जाएगा.

इस बीच भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि वह विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय की इंतजार कर रहे हैं. बजट सत्र के पहले दिन जैसी परिस्थिति होगी, वैसा निर्णय लिया जाएगा. इसके साथ ही भाजपा ने सदन में सरकार की घेराबंदी के लिए कई मुद्दों को तैयार किए हैं. इसके साथ ही बाबूलाल मरांडी के मामले को भी वह उठाएगी.

बता दें कि 24 फरवरी को बाबूलाल मरांडी भाजपा में विधायक दल के नेता चुने गए थे. उसी दिन भाजपा की तरफ से विधानसभा को विधायक दल का नेता चुने जाने संबंधी प्रक्रिया से अवगत कराया गया. साथ ही नेता प्रतिपक्ष के तौर पर मान्यता देने की मांग की गई थी. लेकिन उन्हें भाजपा में बैठने और नेता प्रतिपक्ष की मान्यता नहीं दी गई है.

आपको बता दें कि एक महीने तक चलने वाले इस सत्र में कार्यवाही 18 दिनों तक चलेगी. इस दौरान चालू वित्तीय वर्ष का तीसरा अनुपूरक बजट, राज्य सरकार का अगले वित्तीय वर्ष का वार्षिक बजट, आर्थिक सर्वेक्षण आदि सदन के पटल पर रखे जाएंगे.