बड़सर

पृष्ठभूमि :-

बड़सर विधानसभा हमीरपुर जिले में हमीरपुर लोकसभा के अंतर्गत आने वाली विधानसभा है. यह हिमाचल प्रदेश विधानसभा के 68 निर्वाचन क्षेत्रों में सीट संख्या 39 है. हमीरपुर जिले में स्थित यह निर्वाचन क्षेत्र अनारक्षित है. 2012 में इस क्षेत्र में कुल 74,950 मतदाता थे. जिनकी संख्या बढकर 2017 में  79,462 हो गयी है.

यह विधान सभा 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी. इससे पहले यह विधान सभा नदौनता के नाम से जानी जाती थी. परिसीमन के बाद जब यह सीट बड़सर हुई तब 2012 में हुए चुनाव में इन्दर दत्त लखनपाल शर्मा यहाँ से विधायक चुने गए. इन्दर दत्त लखनपाल शर्मा पहली बार चुनाव लड़े और निर्वाचित हुए. बड़सर एक ऐतिहासिक शहर है, जिसकी जड़ें सिद्ध श्री बाबा बालाकनाथ जी से गहरे जुड़ी हुईं हैं. बाबा बालकनाथ हिन्दू परम्परा में एक प्रमुख देवता के रूप में स्थापित हैं. बड़सर राजपूत शासकों द्वारा प्रिंसली स्टेट के रूप में स्थापित राज्य था जो आजादी के बाद भारत का हिस्सा बना. बड़सर स्थान के नाम पर ही यहाँ के राजपूत शासक अपने नाम के साथ बड़सर लगाते हैं. बड़सर, हमीरपुर जिले का शैक्षणिक रूप से सबसे तेजी से विकसित होता हुआ स्थान है. बड़सर में जिले की पांच तहसीलों का मुख्यालय स्थित है.

बड़सर का सर्वाधिक प्रसिद्द स्थान यहाँ का बाबा बालकनाथ मंदिर है जो कलिकाल में शिव के अवतार माने जाते हैं. यह शिवलिक पहाड़ियों में “दयोटसिद्ध’ धार रेंज पर स्थित है. यहाँ पर बाबाजी को बकरा भी चढ़ाया जाता है, जो कि उनके प्रेम का प्रतीक है. यह हमीरपुर से 44 किलोमीटर की दूरी पर, चंडीगढ़ से 185 किलोमीटर, नंगल बांध (रेलवे स्टेशन) से 93 किलोमीटर, ऊना से 64 किलोमीटर, बड़सर से 16 किलोमीटर और शाहतलई से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

जनगणना 2011 के मुताबिक, इस विधानसभा की कुल आबादी 1,15,375, है. बड़सर शहर में हिमाचल प्रदेश की अन्य विधानसभाओं की तुलना में उच्च साक्षरता दर है. 2011 में, हिमाचल प्रदेश के 82.80% की तुलना में बड़सर शहर की साक्षरता दर 88.91% थी. बड़सर में पुरुष साक्षरता में 92.65% है जबकि महिला साक्षरता दर 84.84% है.

स्थानीय भाषा पहाड़ी और पंजाबी है, जबकि अंग्रेजी और हिंदी को आधिकारिक दर्जा प्राप्त है.

विधानसभा : संक्षिप्त जानकारी

विधानसभा सं. 39
सीट की प्रकृति सामान्य
प्रमुख बोलियां वर्तमान विधायक इन्दर दत्त लखनपाल शर्मा कांग्रेस के पुराने प्रदेश स्तर के कार्यकर्ता व शिमला नगर निगम के पार्षद रहे हैं. निर्वाचित होने के बाद वह मुख्य संसदीय सचिव नियुक्त किये गए. पार्टी स्तर पर उनका प्रमुख योगदान कांग्रेस सेवादल का पुनर्गठन रहा है.

पिछले चुनावों में विधानसभा की स्थिति

विधानसभा चुनाव/साल 2009 आम चुनाव 2012 विधानसभा 2014 आम चुनाव
बड़सर पार्टी भाजपा कांग्रेस कांग्रेस भाजपा भाजपा कांग्रेस
वोट प्रतिशत 54.20% 43.60% 51.00% 45.80% 53.60% 44.00%

2012 विधानसभा चुनाव:

उम्मीदवार पार्टी कुल मत
इन्दर दत्त लखनपाल कांग्रेस 26041
बलदेव शर्मा बीजेपी 23383

मतदाताओं की संख्या

विधानसभा (2017) आम निर्वाचक अप्रवासी भारतीय निर्वाचक
स.न. नाम पुरुष महिला अन्य कुल पुरुष महिला समस्त

योग (6+7+8)

1 2 3 4 5 6 7 8 9
1 बड़सर 38662 40800 0 79462 0 0 79462
विधानसभा (2012) आम निर्वाचक अप्रवासी भारतीय सरकारी सेवा में कार्यरत मतदाता
स.न. नाम पुरुष महिला अन्य कुल पु. म. अन्य कुल पु. म. कुल समस्त

योग (6+10+13)

1 बड़सर 35460 37068 0 72528 0 0 0 0 2054 368 2422 74950
प्रमुख नेता

वर्तमान विधायक इन्दर दत्त लखनपाल शर्मा कांग्रेस के पुराने प्रदेश स्तर के कार्यकर्ता व शिमला नगर निगम के पार्षद रहे हैं. निर्वाचित होने के बाद वह मुख्य संसदीय सचिव नियुक्त किये गए. पार्टी स्तर पर उनका प्रमुख योगदान कांग्रेस सेवादल का पुनर्गठन रहा है.

उम्मीदवार 2017

विधानसभा में सम्भावित प्रत्याशी / उम्मीदवार
प्रमुखनेता भाजपा कांग्रेस अन्य
1. बलदेव शर्मा सीपीएस इन्द्रदत लखनपाल सीताराम भारद्वाज

वर्तमान स्थिति :

यह विधानसभा ब्राह्मण और राजपूत बहुल है जो यहाँ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इस बार भी यही स्थिति बनी रहने की उम्मीद है. कांग्रेस के इन्द्रदत्त लखनपाल भाजपा के बलदेव शर्मा से यह चुनाव लगभग ढाई हज़ार से जीतने में सफल रहे थे और बलदेव शर्मा को यहाँ अपना जनसमर्थन बढ़ाने और लखनपाल को हराने के लिए खासी मेहनत करनी होगी. उनकी छवि को लेकर मतदाताओं में काफी संदेह है. अभी तक यदि वह यह चुनाव जीत सकते हैं तो केवल इस बात की प्रदेश में वर्तमान सरकार के खिलाफ कोई जनमत हो और वह उसे वोट न दे.

Chaupal

बूथों की संख्या: 110

पिछली विधानसभा में महिला पुरुष के मतों का %

  • पुरुष
  • महिला

पिछली विधानसभा में पार्टियों की स्थिति

  • कांग्रेस
  • भाजपा
  • अन्य

प्रमुख मुद्दे

आपकी विधानसभा की प्रमुख समस्याये आपकी विधानसभा के लोगों के सपनें
 1. बडसर में बस स्टैंड न होना, और अस्पताल मे स्टाफ की कमी चल रही है. मिनी सचिवालय की कई सालों से मांग.
 2. बडसर में सड़कों की हालत खस्ता, पानी की प्रमुख समस्या. मिनी सचिवालय की समस्या. पानी की आपूर्ति सही तरीके से की जाए.
 3. बडसर में आवारा पशुओं और बन्दरों की समस्या है. काफी सालो से लोगो की बस स्टैड बनाने की मांग ।
 4. पंचायतों में लगी अधिकतर सोलर लाईटें खराब है.