शिक्षा हमें अंदर से बनाती है मजबूत : राज्यपाल

रांची. राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल आदि बुनियादी सुविधाएं मानव जीवन के लिए अत्यन्त आवश्यक है. राज्यपाल ने गिरिजा ट्रस्ट द्वारा संचालित शांति स्वरूप विद्यालय सिमरटोली कांके में बीते सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सर्वप्रथम मैं पूर्व सांसद एवं दूरदर्षी व्यक्ति देवदास आप्टे के प्रति आभार प्रकट करना चाहूंगी कि उन्होंने व्यापक सोच के साथ इस ट्रस्ट की नींव रखी. देवदास आप्टे ऐसे महान व्यक्तित्व हैं जो सदा पिछडों के उत्थान एवं उन्हें आगे लाने के लिए सक्रिय रहते हैं.

गिरिजा ट्रस्ट द्वारा संचालित शांति स्वरूप विद्यालय का मकसद था कि गाय-बकरी के पीछे घूमने वाले बच्चे भी पढ़े. सबमें अनुशासन की भावना विकसित हो. आप्टे जी से इस विद्यालय के सन्दर्भ में सदा चर्चा होते रहती थी. इस विद्यालय में बहुत दिनों से आने की मेरी प्रबल इच्छा थी. उन्होंने इस विद्यालय के बच्चों के विकास के लिए इस ट्रस्ट को अपने विवेकाधीन मद से दो लाख की राशि देने की घोषणा की और कहा कि इस ट्रस्ट को बच्चों के हित में सहयोग करने वाले लोगों को भी बधाई देती हूँ.

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के प्रति इस दूरदर्शी सोच की जितनी भी सराहना की जाय, वह कम है. आप्टे जी ने तत्कालीन समय में ऐसे अत्यन्त पिछड़े क्षेत्र के विकास के लिए प्रयास करने की दिशा में कदम बढ़ाया और लोग भी उनके साथ जुड़ते गये. शिक्षा जगत में इस विद्यालय ने अपनी अलग ही पहचान बनाई है. इस विद्यालय को और लम्बी एवं यश्स्वी यात्रा तय करना है. इस विद्यालय में शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरक बनने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध है. यहाँ बच्चों को बेहतर संस्कार प्रदान किया जाता है. शिक्षा विकास की कुँजी है. अपने स्वप्नों को साकार करने के लिए शिक्षा रूपी ज्ञान होना जरूरी है, जिसे कोई चुरा नहीं सकता.

राज्यपाल ने शिक्षा हमें आन्तरिक रूप से मजबूत बनाती है और हमारे व्यक्त्त्वि के निर्माण और ज्ञान देने के द्वारा हमें बहुत ज्यादा आत्मविश्वास प्रदान करती है. शिक्षा प्राप्त करने का मतलब केवल इतना नहीं है कि, हमें नौकरी मिल जाये, इसका अर्थ है अच्छा इंसान बनना, स्वस्थ और तंदरुस्त रहना, स्वच्छता बनाए रखना, सभी के साथ अच्छे से व्यवहार करना, जीवन की सभी चुनौतियों का सामना करना आदि है तथा जो पीछे छूट गये हैं, उनको आगे लाना है. हम बचपन से जैसे ही स्कूल जाना शुरु करते हैं अपने माता-पिता और अपने अध्यापकों से शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित होते रहते हैं. यदि कोई बचपन से ही उचित शिक्षा को प्राप्त करता है, अपने जीवन का सबसे अच्छा निवेश करता है.

राज्यपाल ने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर ध्यान दिये जा रहे हैं. सरकार का मकसद है कि सभी पढ़े एवं ज्ञानवान बनें. इस क्रम में विभिन्न विद्यालय संचालित हैं. लेकिन फिर भी बहुत से बच्चे कतिपय कारणों से विद्यालय नहीं जाते हैं. ऐसे में इस प्रकार के ट्रस्ट की भूमिका अत्यन्त सार्थक है जो समाज के ऐसे बच्चों को शिक्षा एवं संस्कार प्रदान करने का कार्य करता है.