इस वजह से आमरण अनशन पर बैठी है महिला कामगार

बद्दी (सोलन). पिछले लगभग तीन महीने से इंसाफ के लिए जगह-जगह भटक रही महिला कामगार को कहीं भी इंसाफ न मिलने के चलते मजबूरन श्रम कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल और आमरण अनशन पर बैठना पड़ा है. शुक्रवार को आमरण अनशन पर बैठी झॉड़माजरी के कॉस्मेटिक उद्योग की महिला कामगार सोनिका ने बताया कि अपना परिवार छोड़कर भूख हड़ताल पर बैठने का किसी को शौक नहीं होता लेकिन मेरे साथ नाइंसाफी हुई है.
सोनिका ने बताया कि पहले तो उक्त उद्योग के जी.एम. ने मेरे साथ अभद्र व्यवहार किया और जब मैंने इसका विरोध किया तो मुझे उद्योग से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. मैंने इंसाफ के लिए श्रम विभाग, पुलिस विभाग समेत भी जगह इंसाफ के लिए दरवाजा खटखटाया लेकिन मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई. उक्त महिला कामगार ने कहा कि श्रम विभाग व पुलिस विभाग द्वारा मेरी सहायता करने की बजाय मुझे गुमराह किया गया. मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान मुझे उनसे मिलने नहीं दिया गया और अब मेरी किसी भी प्रकार से सहायता नहीं की गई.
महिला का कहना है कि झूठी लोकप्रियता हासिल करने वाली कोई भी समाजिक संस्था उसके साथ खड़ी नहीं हुई. वहीं हिंद मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष मेला राम चंदेल, महासचिव राजू भारद्वाज और रविंद्र कुमार का कहना है कि उद्योग प्रबन्धन व श्रम विभाग द्वारा उक्त महिला केा गुमराह किया गया और पुलिस प्रशासन व महिला आयोग में भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई.
उन्होंने कहा कि हिंद मजदूर सभा उक्त महिला कामगार को इंसाफ दिलाने के लिए श्रम विभाग व उद्योग प्रबन्धन की ईंट से ईंट बजा देगा. चंदेल ने कहा कि यह आंदोलन भूख हड़ताल से शुरू किया गया है व आमरण अनशन तक जाएगा. इसके बारे में जब श्रम अधिकारी बद्दी मनीश करोल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है व जरूरी बैठक के चलते मैं कहीं बाहर हूं. जल्द ही इस मामले को सुलझा लिया जाएगा.