हरियाणा में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का असर

हरियाणा में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का असर

चंडीगढ़. हरियाणा ने राष्ट्रीय कार्यक्रम ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के तहत वर्ष 2017 के लिंगानुपात को कायम रखते हुए वर्ष 2018 के लिंगानुपात के आंकड़े को बरकरार रखा है और यह आंकडे़ उत्साहजनक रहे हैं. जिसके तहत 1000 लड़कों की तुलना में 914 लड़कियां हैं. यह प्रदेश कन्या भ्रूण हत्या के लिए कुख्यात रहा है.

इस सम्बन्ध में मंगलवार को राष्ट्रीय कार्यक्रम ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के नोडल अधिकारी डाॅ. राकेश गुप्ता ने बताया कि 22 जनवरी, 2015 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की शुरुआत हरियाणा के पानीपत से की थी, जिसके अब सफल परिणाम आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के अन्तर्गत हरियाणा में लिंगानुपात में अभूतपूर्व सुधार आया है, जोकि एक मिसाल है.

उन्होंने बताया कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम की शुरुआत के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देशों के तहत एक विशेष सचिवालय की स्थापना की गई. इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए. इन प्रभावी कदमों के तहत पीसी-पीएनडीटी एक्ट और एमटीपी एक्ट को कड़ाई से लागू किया गया. दोषियों के विरुद्ध लगभग 650 एफआईआर दर्ज की गईं.

‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’: हरियाणा में लिंगानुपात हुआ 1000 : 914-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

डाॅ. गुप्ता ने बताया कि लिंगानुपात के सुधार को देखते हुए हरियाणा से बाहर और पड़ोसी राज्यों में भी पीसी-पीएनडीटी एक्ट और एमटीपी एक्ट के तहत संयुक्त रूप से छापे मारे गए और दोषियों को गिरफ्तार किया गया. ये छापे पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब और उत्तराखण्ड में मारे गए, क्योंकि लिग जांच से जुड़े अपराध में अपराधी सीमाओं का उल्लंघन करते हैं, इसलिए ये संयुक्त रूप से छापे मारे गए. इन छापों की वजह से लोगों में जागरूकता आई है और बेटियों के प्रति एक प्रेम भाव भी बढ़ा है.

उन्होंने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए उन्होंने स्वयं इस कार्यक्रम की निगरानी रखी तथा प्रत्येक बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बन्धित उपायुक्तों, जो इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी भी हैं, को आवश्यक दिशानिर्देश दिए. उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में हरियाणा का लिंगानुपात 832 था, जो अब 2018 में 914 के आंकडे़ को छू गया है. डा. गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में हरियाणा के 17 जिलों का लिंगानुपात 900 से अधिक है, जबकि चार जिलों का लिंगानुपात 875 से 900 के बीच में है.