भारत नेट क्रार्यक्रम जिससे ग्रामीण भारत में बढ़ रही है इंटरनेट कनेक्टिविटी

भारत नेट क्रार्यक्रम जिससे ग्रामीण भारत में बढ़ रही है इंटरनेट कनेक्टिविटी - Panchayat Times
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नईदिल्ली. देश की लगभग 2.5 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर के जरिये हाईस्पीड ब्राडबैंड, किफायती दरों पर उपलब्ध कराया जाना है. इस योजना को अक्टूबर, 2011 में लान्च किया गया था. 2015 में इसका नाम बदलकर भारत नेट रखा गया था.

क्या है लक्ष्य

स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं कौशल विकास केंद्रों में इंटरनेट कनेक्शन देकर इस योजना के तहत ग्रामीण भारत के लोगों के जीवन को आसान बनाना है. गांवों में इंटरनेट पहुंचाने के बाद निजी सेवा प्रदाताओं (JIO, Airtel) को भी मौके दिये जाएंगे ताकि वे विभिन्न प्रकार की सेवाएं मुहैया करा सकें. स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं कौशल विकास केंद्रों में इंटरनेट कनेक्शन नि:शुल्क प्रदान किये जाएंगे.

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इसका उद्देश्य 100 एमबीपीएस कनेक्टिविटी की गति से जोड़ना है. इस योजना को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए भारत नेट परियोजना को लान्च किया गया था. भारत नेट के पहले चरण में देश के कई राज्यों की एक लाख से अधिक ग्राम पंचायतों में आप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई है.

इस परियोजना का उद्देश्य राज्यों तथा निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी से ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में नागरिकों एवं संस्थानों को सुलभ ब्राडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराना है. इस परियोजना के तहत ब्राडबैंड को आप्टिकल फाइबर के जरिये पहुंचाया जाएगा, लेकिन जहां आप्टिकल फाइबर पहुंचाना संभव नहीं हो, वहां वायरलैस एवं सैटेलाइट नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा.

राष्ट्रीय आप्टिकल फाइबर नेटवर्क

इस कार्यक्रम की शुरुआत साल 2014 में हुई थी. इस फ्लैगशिप कार्यक्रम को 20000 करोड़ रुपए की लागत से देश की दो लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को ब्राडबैंड कनेक्टिविटी मुहैया कराने के लिये यूनिवर्सल सर्विस आब्लिगेशन फंड के द्वारा धन मोहैया कराया गया है. ओएफसी नेटवर्क (Optical Fiber Communication Network) का नाम बदलकर भारत नेट (Bharat Net) कर दिया गया है. भारत सरकार ने 25 अक्तूबर, 2011 को इस परियोजना को अपनी सहमति प्रदान की थी.

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इस कार्यक्रम में मौजूद आप्टिकल फाइबर के उपयोग द्वारा इन्टरनेट तक पहुंच उपलब्ध कराई जाती है तथा इसे ग्राम पंचायतों तक प्रसारित किया जाता है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर ई-सर्विस तथा ई-एप्लिकेशन मुहैया कराने में भारत सरकार को सक्षम बनाना है. कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिये कंपनी अधिनियम, 1956 के अंतर्गत एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के रूप में भारत ब्राडबैंड नेटवर्क लिमिटेड को बनाई गई थी.