बिहार पंचायत चुनाव : EVM नहीं मिलने के कारण प्रशिक्षण कार्य में फसा पेंच, 19 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन

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पटना. बिहार में पहली बार पंचायत चनाव EVM से कराए जाएंगे. लेकिन फिलहाल EVM उपलब्ध ना होने के कारण चुनाव संबंधी प्रशिक्षण कार्य में देरी हो रही है. 19 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर लिया जाएगा. पंचायत चुनाव अप्रैल-मई के महीने में होना संभावित है. ऐसे में चुनाव आयोग EVM खरीदने के भारी दबाव में आ गया है.

पंचायत चुनाव को लेकर मतदान केंद्रों के गठन की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है. मतदाता सूची व मतदान केंद्रों के गठन के बाद पंचायत आम चुनाव को लेकर पदाधिकारियों व कर्मियों के साथ मतदाताओं का प्रशिक्षण कराया जाना है. इस प्रशिक्षण में उन्हें मल्टी पोस्ट EVM के प्रयोग की जानकारी दी जानी है.

निर्वाचन आयोग 6 महीने पहले शुरू करता है प्रशिक्षण

निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव से 6 महीने पहले EVM चेकिंग का प्रशिक्षण किया जाता है. इसी का चलते पंचायत चुनाव के लिए EVM उपलब्ध ना होने के कारण प्रशिक्षण में परेशानी हो रही है. चुनाव आयोग के सामने चुनौती है कि EVM नहीं होने के कारण किस उपकरण से प्रशिक्षण कराया जाये.

चुनाव विशेषज्ञों के अनुसार ईवीएम से चुनाव कराने के लिए सबसे पहले छह माह पूर्व EVM की फस्ट लेवल चेकिंग (एफएसएल) करायी जाती है. EVM की एफएसएल कराने में दो माह का समय लगता है. शेष चार माह चुनाव कराने को लेकर पदाधिकारियों को कई स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाता है. बिहार में पहली बार पंचायत चुनाव EVM से कराया जाना है.