चिड़ियों से बातें करने वाला झारखंड का बर्डमैन

रांची. वो चिड़ियों से बातें करते हैं. आंख बंद करके उनकी प्रजाति बता देते हैं. पन्नालाल के एक आवाज से आसपास की चिड़ियां उनके पास पहुंच जाती है. बिना डरे वे उनके बांहों पर बैठ जाती है. वे चिड़ियों के व्यवहार देखकर उसका मूड भांप लेते हैं. पक्षियों से इसी प्रेम की वजह से लोग उन्हें बर्डमैन के नाम से जानते हैं.

पेशे से किसान पन्नालाल पक्षियों के लिए दाना-पानी और दवा जुटाने के साथ-साथ जंगलों में घूमना भी अपने खर्च पर करते हैं. इसके साथ ही वे ध्यान रखते हैं कि पक्षियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाए.

पन्नालाल पिछले 27 सालों से पक्षियों के संरक्षण पर काम कर रहे हैं. रांची के अनगड़ा स्थित सिकिदिरी घाटी जंगल, हुंडरू, गिधिनिया, चुटूपालू के अलावा रामगढ़ के रजरप्पा, कुजू व बनादाग जंगल में पक्षियों पर शोध भी कर रहे हैं.

वे बताते हैं, “पक्षियों से बात करने में बहुत आनंद आता है. शौक के कारण इस पर काम कर रहा हूं. बचपन से मैं इसी माहौल में बड़ा हुआ हूं.” पन्नालाल विलुप्त हो चुके कई पक्षियों का आवाज भी निकाल सकते हैं.

रामगढ़ जिले के सरइयां कुंदरू गांव के रहने वाले पन्नालाल घंटों जंगल में गुजारते हैं. लंबे समय तक जंगलों में रहने के लिए वे हरे रंग के कपड़े पहनते हैं.