पूर्वोत्तर : भाजपा ने नियुक्त किया पर्यवेक्षक, मेघालय में कांग्रेस ने ठोकी दावेदारी

नई दिल्ली. नगालैंड में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया है. सत्ताधारी नगा पिपुल्स फ्रंट(एनपीए) मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग के नेतृत्व में सबसे बड़ी पार्टी बनके उभरी है. एनपीए को 27 सीट मिली है और वह बहुमत से चार सीट पीछे रह गई है. हालांकि पार्टी प्रमुख ने उम्मीद जताया है कि सबसे बड़ी पार्टी होने की वजह से उन्हें ही आमंत्रित किया जाएगा.

नगालैंड में एनडीपीपी-बीजेपी गठबंधन ने 30 सीटें हासिल की हैं. पूर्वोत्तर के प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा है कि निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन मिलने से हम राज्य में नई सरकार बनाने के और करीब आ गए हैं. पार्टी को उम्मीद है कि राज्य में जनता दल (यूनाइटेड) के टिकट पर जीतने वाले विधायक का समर्थन मिल जाएगा, जिससे वहां नई सरकार बनाने का रास्ता साफ हो जाएगा. एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी को जीत मिली है.

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इधर भाजपा के संसदीय बोर्ड के गठन में भाजपा ने आधिकारिक रूप से त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय की जनता को धन्यवाद दिया है. मुख्यमंत्री के चुनाव और सरकार बनाने की कवायद के लिए तीनों राज्यों के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं. त्रिपुरा में नितिन गडकरी और जुएल उरांव, नगालैंड में जेपी नड्डा और अरुण सिंह, मेघालय में किरण रिजिजू और के एल्फोंस को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है.

ये पर्यवेक्षक तीनों राज्यों में जाकर नए-नए निर्वाचित हुए विधायकों से किसे मुख्यमंत्री बनाया जाए, इस पर चर्चा करेंगे और फिर पार्टी आलाकमान को विधायकों की राय से अवगत कराएंगे.

 

मेघालय विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा बड़ी पार्टी बनी कांग्रेस ने राज्यपाल गंगा प्रसाद से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है. मेघालय कांग्रेस के अध्यक्ष विंसेंट पाला और कांग्रेस महासचिव सीपी जोशी ने शनिवार देर रात राज्यपाल गंगा प्रसाद से मुलाकात की और सरकार बनाने की दावेदारी वाला लेटर सौंपा.

अब देखना होगा कि नगालैंड के राज्यपाल पीबी आचार्य सरकार बनाने के लिए किसे आमंत्रित करते हैं.