जींद उपचुनाव जीतने की जिद में भाजपा के कृष्ण मिड्ढा और बराला

जींद. हरियाणा में जींद उपचुनाव के लिए गुरुवार को नामांकन - Panchayat Times
प्रतीक चित्र

जींद. हरियाणा में जींद उपचुनाव के लिए गुरुवार को नामांकन का अंतिम दिन है. सभी प्रमुख दलों के प्रत्याशी इसी दिन नामांकन दाखिल कर रहे हैं. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी कृष्ण मिड्ढा भी नामांकन दाखिल कर रहे हैं. गुरूवार सुबह से ही भाजपा के दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं का जींद के अर्जुन स्टेडियम में जुटना शुरू हो गया था.

इस अवसर पर भाजपा नेताओं ने विपक्षी दलों पर जमकर सियासी तीर चलाए. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने इशारो-इशारों में कांग्रेस प्रत्याशी पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली वाले मौसमी नेताओं को सबक सिखाना है. बराला ने कहा कि बिसात बिछ चुकी है, विरोधियों को ढूंढने से भी उम्मीदवार नहीं मिल रहे थे. बराला ने कहा कि दिवंगत इनेलो विधायक हरिचन्द मिड्डा जनसंघ की विचारधारा पर चलने वाले व्यक्ति थे, उनकी जीत आमजन में उनके निजी भरोसे की होती थी, हरिचंद मिड्ढा ने जींद के विकास का सपना देखा, उनके सभी प्रस्तावों को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उनके निधन के बाद विधानसभा में मंजूर किया है.

जींद. हरियाणा में जींद उपचुनाव के लिए गुरुवार को नामांकन - Panchayat Times

ये भी पढ़ें- उप चुनाव : ‘जींद की जिद-भाजपा इब’ पोस्टर जारी

बराला ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस ने कैथल विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला को जींद से उम्मीदवार बनाकर लोकतंत्र का अपमान किया है. कांग्रेस को उसकी इस हरकत के लिए जींद की जनता माफ नहीं करेगी. बराला ने कहा कि जींद की जनता द्वारा कांग्रेस और सुरजेवाला से सवाल किया जायेगा कि कैथल की भलाई के लिए कितने मुद्दे विधानसभा में उठाएं हैं, पिछले चार साल में कितनी बार विधानसभा गए और क्या किया आमजन के लिए. बराला यहीं नहीं रूके उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में सुरजेवाला एक मजबूत मंत्री थे, इसके बाद भी जींद को बेहाल छोड़ दिया था.

बराला ने कहा कि भाजपा ने जींद का नक्शा बदलने का प्रयास किया है, सबका साथ-सबका विकास की तर्ज पर जींद के मुद्दों पर भी बराबर के प्रयास किए हैं. उन्होंने कहा कि विकास रूपी गंगा का पहिया जींद में भी घूमेगा, हर छोर पर विकास पहुंचेगा. कार्यकर्ताओं को चैन से नहीं बैठना है, हरिचन्द मिड्ढा के सपने मिलकर पूरे करने हैं, हर बूथ पर भाजपा को जिताना है.

ओम प्रकाश चौटाला के पोते दिग्विजय चौटाला भी मैदान में

जिंद उपचुनाव में जननायक जनता पार्टी (जजपा) ने दिग्विजय चौटाला को टिकट दिया है. हिसार सांसद दुष्यंत चौटाला के छोटै भाई दिग्विजय चौटाला पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं. पिछले दिनों इंडियन नेशनल लोकदल में मचे घमासान और इनलो से निष्काषित किए जाने के बाद अजय चौटाला ने अपने दोनों बेटों दुष्यंत और दिग्विजय के साथ मिलकर जननायक जनता पार्टी बनाई है. इस पार्टी का ये पहला चुनाव है.

दिग्विजय चौटाला इनलो पार्टी की युवा इकाई और इंडियन नेशनल स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन (इनसो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर रहे हैं. इंडियन नेशनल लोकदल ने जिंद सीट पर निर्दलीय उमेद सिंह रेढू को अपना समर्थन दिया है.

50 हजार जाट वोटर हैं निर्णायक

जींद में करीब 1.69 लाख वोटर हैं.इनमें से करीब 50 हजार वोटर जाट हैं.हरियाणा बनने के बाद से 51 साल के इतिहास में जींद के अंदर 30 साल पंजाबी और वैश्य समुदाय, 5 साल जाट, 5 साल ओबीसी समुदाय के विधायक रहे हैं. जींद विधानसभा में 12 बार हुए चुनाव में 5 पांच बार कांग्रेस, चार बार लोकदल व इनेलो के विधायक बने. जबकि एक-एक बार हरियाणा विकास पार्टी, एनसीओ और निर्दलीय ने जीत हासिल की. कांग्रेस नेता मांगेराम गुप्ता यहां से 4 बार जीते व 4 बार हारे. 2009 में इनेलो नेता हरिचंद मिड्ढा ने 36.40 प्रतिशत वोट लेकर उन्हें हराया. 2014 में मिड्ढा ने इनेलो से ही भाजपा में आए सुरेंद्र बरवाला को 2257 वोट से हराया था. जींद उपचुनाव के लिए 28 जनवरी को मतदान होगा और नतीजे 31 जनवरी को आएंगे.