मेयर पद की हार के दंश को जीत से धोना चाहती है भाजपा

हार के डर से विपक्षी दलअपने निशान पर प्रत्याशी उतारने की हिम्मत नहीं जुटा सके : मनोहर लालPanchayat Times
प्रतीक चित्र

पानीपत. पानीपत नगर निगम मेयर पद के चुनाव को भाजपा हाईकमान, लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल मान कर मैदान में उतरी है. वहीं भाजपा मेयर पद को जीत कर पूर्व में मेयर पद पर दो बार हुई हार के दंश को धोने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है. पिछड़ी जाति की महिला के लिए आरक्षित पानीपत नगर निगम मेयर पद पर भाजपा ने अवनीत कौर को चुनाव मैदान में उतारा है.

अवनीत कौर प्रत्याशी बनने से पहले न तो भाजपा की सदस्य थी और न ही उनका कोई राजनीतिक कॅरियर था. अवनीत कौर, पहले कांग्रेस के समर्थन से और फिर भाजपा के समर्थन में पानीपत नगर निगम के पहले और हरियाणा के पहले सिख धर्म के अनुयायी मेयर बने भूपेंद्र सिंह की पुत्री हैं.

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वहीं, भाजपा से पार्टी नेताओं दुष्यंत भट्ट ने अपनी पत्नी, पूर्व पार्षद रामकुमार सैनी ने अपनी पुत्र वुध, पानीपत कंबल निर्माता संघ के अध्यक्ष रह चुके सुरेश गुंबर ने अपनी पत्नी, रघुनाथ तंवर कश्यप ने अपनी पुत्री के लिए नगर निगम मेयर पद के लिए टिकट मांगा. जबकि अवनीत कौर ने भी बिना भाजपाई होते हुए पार्टी से मेयर पद का टिकट मांगा था.

भाजपा हाईकमान ने कड़े मंथन के बाद अपनी पार्टी के नेताओं के दावों को किनारे करते हुए अवनीत कौर को इसलिए अपना प्रत्याशी बनाया कि वह पिछड़े वर्ग से, पंजाबी है और सिख धर्म से हैं, अवनीत सुशिक्षित है और पूर्व मेयर भूपेंद्र की पुत्री है. भूपेंद्र की छवि पानीपत में जहां संघर्षशील, ईमानदार नेता की रही है. वहीं भाजपा हाईकमान पुराने भाजपाइयों को मेयर पद की टिकट देकर पार्टी व मेयर और 26 पार्षद पदों के चुनाव में गुटबाजी का रिस्क कतई नहीं लेना चाहती थी.

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याद रहे कि पानीपत नगर निगम के मेयर पद के लिए पहली बार हुए चुनाव में कांग्रेस के समर्थन से स.भूपेंद्र ने चुनाव जीता था. वहीं, भाजपा के सत्ता में आने के बाद मेयर भूपेंद्र पाला बदल कर भाजपा में आ गये, जबकि भाजपा हाईकमान हर हाल में पार्टी के पार्षद को मेयर बनाना चाहती थी. लेकिन, भाजपा को उस समय करारा झटका लगा जब निर्दलीय सुरेश वर्मा ने भाजपा के दुष्यंत भट्ट को पराजित कर पानीपत मेयर पद पर जीत दर्ज की.

सत्तारुढ भाजपा को सुरेश की जीत से करारा झटका लगा था, हार के इस दाग को मिटाने के लिए भाजपा ने कई बार प्रयास किए. मेयर पद पर जीत के लिए भाजपाजनों ने मेयर सुरेश वर्मा के खिलाफ कई अविश्वास प्रस्ताव लाने के प्रयास किये, लेकिन हर बार सुरेश वर्मा से गच्चा खा गये. इस बार मेयर समेत सभी पार्षद पदों पर जीत के लिए पूरी ताकत लगाये हुए हैं. मेयर पद का टिकट नहीं मिलने से बागी जैसे तेवर अपनाने वाले भाजपा नेताओं को रातों रात मना कर पार्टी के साथ खड़ा किया गया.

मेयर पद की प्रत्याशी अवनीत कौर का नामांकन भरवाने में मंत्री कविता जैन जहां सोनीपत से पानीपत पहुंची, वहीं मंत्री कृष्ण लाल पंवार, विधायक रोहिता और महिपाल भी साथ रहे. मेयर पद के लिए अपनी पुत्र वुध के लिए टिकट मांग रहे रामकुमार सैनी को विधायक महिपाल ने मनाया और पार्षद पद पर चुनाव लड़ने को राजी करते हुए वीरवार को सैनी की पुत्रवधु कोमल का भाजपा के टिकट पर नामांकन दाखिल करवाया.