भाजपा को लेना है गठबंधन पर फैसला : सुदेश महतो

रांची. आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो शनिवार को दोपहर डेढ़ बजे दिल्ली से रांची पहुंचे. एयरपोर्ट पर उन्होंने मीडिया से कहा कि पूर्व से ही आजसू पार्टी की ओर से जो बातें मीडिया में और सार्वजनिक तौर से की जा रही है, उस पर अब भी वे अडिग है. भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के साथ कल देर रात और शनिवार की सुबह बातचीत हुई. इस बातचीत के दौरान पार्टी की ओर से अपनी बातों को पुनः दोहराया गया है. शीट शेयरिंग पर समझौता होने या गठबंधन टूटने के संबंध में पूछे गये सवाल पर कहा कि अब फैसला भाजपा को लेना है. पार्टी की ओर से अपनी बातें रख दी गयी है, और वे अब भी अपनी बातों पर अडिग है. लोहरदगा और चंदनकियारी सीट भाजपा के लिए छोड़ने की संभावना पर पूछे गये सवाल पर कहा कि पार्टी अपने पूर्व के फैसले से पीछे नहीं हटेगी.

चंदनकियारी और लोहरदगा में फंसा है पेंच

आजसू-बीजेपी के बीच अब तक चंदनकियारी और लोहरदगा सीट पर पेंच फंसा हुआ है. आजसू के उमाकांत रजक और कमल किशोर भगत दोनों ने परचा भरने की तैयारी भी कर ली है. लोहरदगा से कमल किशोर भगत की पत्नी नीरू शांति भगत आजसू के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है. वहीं उमाकांत रजक ने भी साफ किया है कि कुछ भी हो चुनाव आजसू के टिकट पर ही लड़ेंगे.

अधिक दबाब बना, तो बीजेपी प्लान बी पर करेगी काम

अगर आजसू ने अधिक दबाव बनाया तो बीजेपी प्लान बी पर काम करेगी. फिलहाल चर्चा यह है कि आजसू के खाते में सिल्ली, रामगढ़, जुगसलाई, तमाड़, टुंडी, बड़कागांव, ईचागढ़, हुसैनाबाद, डुमरी और गोमिया जाती दिख रही है.

आजसू के डिमांड से प्रदेश व केंद्र के आला नेता सहमत नहीं

एनडीए में शीट शेयरिंग का पेंच अब तक सुलझा नहीं है. आजसू की डिमांड से केंद्र व प्रदेश के आला नेता सहमत नहीं हैं. बीजेपी आजसू को 11 सीटों से अधिक देने के पक्ष में नहीं है. चर्चा यह है कि बीजेपी महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम को देखते हुए अपना रूख साफ किया है. महाराष्ट्र में बीजेपी शिवसेना के सामने नहीं झुकी. चर्चा यह है कि बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में अपनी सीटिंग सीट गिरिडीह को छोड़कर आजसू को वेटेज दिया था.