परवाणु को-ऑपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसायटी और कैंटर यूनियन के बीच खूनी संघर्ष

सोलन. परवाणु को-ऑपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसायटी और कैंटर यूनियन के बीच खूनी संघर्ष हुआ. जिसमें 7 लोग घायल हो गए हैं. इसके अलावा कई वाहनों के साथ तोड़ फोड़ दी की गई है. इस संघर्ष पर पुलिस शुरुआत में काबू न पा सकी और उपद्रवी उनके समक्ष ही खूनी संघर्ष को अंजाम देते रहे साथ ही सड़क पर गाड़ियों को दौड़ते रहे. जब पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण से बाहर भांपा तो पुलिस ने पिस्टल को हवा में लहराया और उपद्रवियों को चेतावनी दी तब जाकर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आई.

मिली जानकारी के अनुसार यह विवाद ट्रांसपोर्ट सोसाइटी और कैंटर यूनियन यूनियन पर कब्जा करने के लिए दो गुटों के बीच चल रहा है और यह संघर्ष पिछले 4 दिनों से जारी है. जिसके चलते परवाणू में यह खूनी संघर्ष चल रहा है. कुछ दिन पहले एक पक्ष ने पूर्व कांग्रेस नेता हरदीप सिंह बाबा के घर पर हमला किया था. उसके बाद हरदीप सिंह बाबा ने परवाणू में कैंटर यूनियन की हड़ताल आरंभ कर दी थी. लेकिन, बाद में जिला प्रशासन की मध्यस्ता के बाद इस हड़ताल को खत्म करवाया गया.

आज जब कुछ कैंटर उद्योगों से माल लाद रहे थे तो कॉपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसाइटी को यह बात बर्दाश्त नहीं हुई और सोसायटी के सदस्यों ने माल भर रही गाड़ियों पर पथराव किया. उनके साथ तोड़फोड़ भी की और साथ ही चालकों को माल ना लादने की चेतावनी भी दी. अभी भी परवाणू में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. दोनों गुटों में अभी भी तनातनी चल रही है.

इस खूनी संघर्ष में दि परवाणु को-आप्रेटिव ट्रांसपोर्ट सोसायटी के सदस्य प्रमोद शर्मा, राजू, राहुल, शेर सिंह और फूलचंद घायल हो गए. जबकि कैंटर यूनियन के कालू व पप्पू भी घायल हो गए हैं.पुलिस की मौजूदगी में इंटक यूनियन पर कॉपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसाइटी का कब्जा है. लेकिन अब पेंटर यूनियन ने अपनी गाड़ियां खड़ी कर दी है.

कैंटर यूनियन के अध्यक्ष हरदीप सिंह बाबा ने यह आरोप लगाया है कि भाजपा ने सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है. सत्ता के दबाव में ही उनकी पेंटर यूनियन पर कब्जा किया गया है. जो बेहद गलत है जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

परवाणु को-आप्रेटिव ट्रांसपोर्ट सोसायटी के प्रधान अमर नाथ शर्मा ने कहा है कि कैंटर यूनियन हिमाचल की प्रवेश द्वार परवाणू में दहशत फैलाना चाहती है. लेकिन वह ऐसा कतई नहीं होने देंगे और पेंटर यूनियन को अब कॉपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसाइटी ही चलाएगी और वह किसी भी सूरत में गुंडा तत्वों को हावी नहीं होने देंगे.