बोकारो की तान्या बनी मिस क्वीन ऑफ इंडिया 2019

तान्या सिन्हा ने 'मिस क्वीन ऑफ़ इंडिया 2019' का पुरस्कार... - Panchayat Times

बोकारो. इस्पात नगर बोकारो की प्रतिभाओं ने हमेशा ही झारखंड का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है. इसी कड़ी में बोकारो की प्रसिद्ध शिक्षाविद नीलकमल सिन्हा की बेटी तान्या सिन्हा ने ‘मिस क्वीन ऑफ़ इंडिया 2019’ का पुरस्कार पाकर अपने शहर, माता-पिता और पूरे झारखंड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है. पीगासस प्राइवेट लिमिटेड की ओर से आयोजित मनप्पुरम मिस क्वीन आफ इंडिया 2019 के 19वें एडिशन में तान्या ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. देशभर से 20 फाइनलिस्ट इस प्रतियोगिता में चयनित किये गये थे और इनमें से तान्या को यह खिताबी जीत मिली.

कोची केरला के साज अर्थ रिजॉर्ट्स एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस प्रतियोगिता में पहले स्थान पर जहां तान्या रही, वहीं, केरला की निकिता थॉमस एवं दिल्ली की समीक्षा सिंह क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय उपविजेता रहीं. केरला के मुख्य सचिव टॉम जोस ने विजेता तान्या को क्रॉउन पहनाकर पुरस्कृत किया, जबकि उप विजेताओं को मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ वीपी नंदकुमार ने ताज पहनाया.बता दें कि पेगासस की मेजबानी में आयोजित मिस क्वीन ऑफ़ इंडिया के नौवें संस्करण में मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड सबसे प्रमुख सहभागी के रूप में रही. इस स्पर्धा में भारत के विभिन्न राज्यों से 20 सुंदरियों ने खिताबी जीत के लिए संघर्ष किया.

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‘सपना पाने के लिये मेहनत जरूरी’

अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए तान्या ने कहा कि उसने एक सपना देखा था एक नए मुकाम पर जाने की. तान्या का कहना है कि सिर्फ सपने देखने से महान नहीं बन सकते, मुकाम नहीं पा सकते. आपको उस दिशा में लगातार मेहनत करनी होती है. उसने कहा कि उसके परिवार में सभी इंजीनियर, डॉक्टर हैं, लेकिन इसके बाद भी उसने एक अलग कैरियर चुना और उसके परिवार के सभी लोगों ने हर कदम कदम पर उसका साथ दिया. उसने बताया कि जब तक खुद पर आत्मविश्वास नहीं होगा तब तक आपका कोई भी सपना पूरा नहीं हो सकता. सपने पूरा होने का जज्बा खुद के भीतर होना चाहिए.

पत्रकारिता की पढा़ई भी की है पूरी

उल्लेखनीय है कि तान्या सिन्हा ने डीएवी, गांधीनगर (रांची) से प्राइमरी एजुकेशन के बाद वर्ष 2013 में सेक्टर- 6 स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल से दसवीं की पढ़ाई पूरी की. उसके बाद जवाहर विद्या मंदिर, रांची से 12वीं की पढ़ाई के बाद मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से पत्रकारिता में स्नातक की पढ़ाई पूरी की.

ऐसे चढ़ी कामयाबी की सीढ़ियां

तान्या की मां और डीपीएस, चास की प्राचार्या नीलकमल सिन्हा के अनुसार वह आज जिस कामयाबी के मुकाम पर है, उसके पीछे का कारण उसकी छोटी-छोटी उपलब्धियां हैं. छोटी-छोटी कामयाबी की सीढ़ियां चढ़कर तान्या आज भारत को रिप्रेजेन्ट करने के लायक बन सकी है. फैशन कैरियर के प्रति शुरू से ही झुकाव रखने वाली तान्या मिस बोकारो की रनर्स अप रही. उसके बाद मिस झारखण्ड के लिए प्रयास किया. तत्पश्चात मिस इंडिया पीजेन्ट में मिस भुवनेश्वर और दूसरे प्रयास के बाद 2017 में मिस इंडिया में झारखंड फाइनलिस्ट बनी. इसके बाद लगातार दो वर्षों के गहन और विशेष प्रशिक्षण के पश्चात वह मिस क्वीन आफ इंडिया के मुकाम पर पहुंच सकी है.

क्या कहा तान्या की मां ने

अपनी पुत्री की इस कामयाबी पर माता नीलकमल सिन्हा ने कहा कि जैसे ही उन्हें तान्या को मिस क्वीन का खिताब मिलने की जानकारी मिली, खुशी के मारे वह निःशब्द हो गयीं. उन्होंने कहा कि उक्त सफलता के बाद तान्या की जिम्मेवारी और अधिक बढ़ गई है. अब वह अपने राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करेगी, जिसके लिये और अधिक तैयारी व मेहनत की जरूरत है. इसमें परिवार उसका आगे भी सहयोग करेगा. श्रीमती सिन्हा ने कहा कि तान्या की यह उपलब्धि पूरे झारखंड के लिये है, जिसके लिये सभी बधाई के पात्र हैं. तान्या के पिता संजय सिन्हा भी वरिष्ठ शिक्षाविद हैं और इन दिनों पटना में पदस्थापित हैं.

क्या है पेगासस मिस क्वीन इवेन्ट की खासियत

प्राप्त जानकारी के अनुसार पिगासस इस प्रकार से फैशन स्पर्धाओं का आयोजन करता है कि प्रतिभागी बिना बिकनी राउंड की इंटरनेशनल फैशन प्रतियोगिताओं के लिए प्रवेश पा सकती हैं. प्रतियोगिता का समापन तीन मुख्य राउंड के साथ हुआ, जिनमें डिजाइनर साड़ी, ब्लैक कॉकटेल और रेड गाउन राउंड शामिल रहे. ये सभी राउंड साज अर्थ रिजॉर्ट एंड कन्वेंशन सेंटर, कोच्ची में संपन्न हुए. निर्णायकों में फैशन और सिनेमा जगत के कई महत्वपूर्ण सितारे शामिल थे.