पूर्वी भारत का स्टील क्लस्टर बनेगा बोकारो : धर्मेन्द्र प्रधान

पूर्वी भारत का स्टील क्लस्टर बनेगा बोकारो : धर्मेन्द्र प्रधान-Panchayat Times

बोकारो. केन्द्रीय इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि ‘देश की आर्थिक उन्नति में सेल, बोकारो स्टील प्लांट बड़ा योगदान रहा है. देशभर में इस्पात उत्पादन की क्षमता बढ़ाने की योजना है. वर्तमान में पूरे राष्ट्र में 140 मिलियन टन इस्पात उत्पादन क्षमता है, जिसे 2010 तक 300 मिलियन टन तक ले जाना है.इसके लिए देश में 160 मिलियन टन इस्पात उत्पादन और बढ़ाया जाना है और इसमें निश्चित रूप से बोकारो की भी उत्पादन क्षमता बढ़ेगी.

प्रधान ने कहा कि सेल के पास बना बनाया अपना इकोसिस्टम है एवं अन्य संसाधन भी उपलब्ध हैं. इसलिए आने वाले दिनों में बोकारो पूर्वी भारत का स्टील क्लस्टर बनेगा.’ वह रविवार की शाम स्थानीय बोकारो निवास में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि बोकारो स्टील स्थानीय उद्योगों को साथ लेकर चलेगा, जिससे मूल्य संवर्धित इस्पात उत्पादन के साथ-साथ रोजगार की भी संभावनाएं बने। एक सवाल के जवाब में प्रधान ने कहा कि अमेरिका और चीन के झगड़े में भारत का इस्पात उद्योग कठिन चुनौतियों से जूझ रहा है. ऐसे में पहले सेल की मौजूदा क्षमता में वद्धि करनी होगी.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य पूर्वोदय का है। पूर्वोत्तर राज्यों में झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल और उड़ीसा शामिल हैं. यहां बड़े प्रोजेक्ट्स आयें, इसके लिए हमारी सरकार प्रयासरत है. इस क्षेत्र में इस्पात का उत्पादन केन्द्र झारखंड, बंगाल और उड़ीसा है. बोकारो चूंकि इस तीनों राज्यों के मध्य में पड़ता है. साथ ही बोकारो स्टील के पास जमीन व अन्य संसाधन भी उपलब्ध हैं.  इसलिए पूर्वोत्तर राज्यों का केन्द्र बोकारो ही बनेगा. एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आज सेल के पास पांच इस्पात कारखाने हैं और इन्हें किसी भी हालत में नहीं बेचा जायेगा.

चतरा में भी स्टील प्लांट विचाराधीन

इस्पात मंत्री ने कहा कि सरकार चतरा में इस्पात संयंत्र स्थापित करने को लेकर विचार कर रही है. इस संबंध में एनएमडीसी से प्रस्ताव आया था. इसके आलोक में चतरा के सांसद सुनील कुमार सिंह ने भी उनसे भेंट कर बातचीत की है.इसे लेकर सकारात्मक दिशा में विचार किया जा रहा है.

बोकारो में बनेगा रंगीन शीट

प्रधान ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और विविधता युक्त उत्पादों की कड़ी में बोकारो इस्पात संयंत्र में आने वाले दिनों में रंगीन शीट बनाए जाने की योजना पर काम चल रहा है.अभी यहां गेलवेनाइज्ड शीट बनाया जाता है, लेकिन आज के दौर में अधिकांश जगहों पर एवं कल-कारखानों में कलर शीट ही लगाए जाते हैं. आवश्यकता पड़ी तो इस परियोजना के लिए उचित तकनीकी क्षमता वाली कंपनियों की मदद लेकर जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा.

ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा भारत

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वर्तमान में भारत विश्व का तीसरे स्थान वाला ऊर्जा उपभोगी देश है. आने वाले दिनों में विभिन्न माध्यमों से भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में पूर्णतः आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर सरकार काम कर रही है. स्वच्छ ऊर्जा मुहैया कराने पर विचार किया जा रहा है. इसी कड़ी में कोयला से गैस बनाए जाने की तकनीक पर भी काम चल रहा है. ट्रायल के तौर पर उड़ीसा में काम चल रहा है. अगर यह सफल हुआ तो भारत में कोयले से गैस बनाने की तकनीक देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएगी.

झारखंड के 11 जिलों में पाइप लाइन से रसोई गैस पहुंचाने और राज्य में सीएनजी से वाहनों की परिचालन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी काम चल रहा है. पत्रकार वार्ता में मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ झारखंड सरकार के मंत्री अमर कुमार बाउरी, धनबाद के सांसद पशुपतिनाथ सिंह, बोकारो के विधायक बिरंची नारायण, बेरमो के विधायक योगेश्वर महतो, बोकारो स्टील प्लांट के सीईओ पवन कुमार सिंह, बीएसएल के अधिशासी निदेशक एवं अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.