शिमला: घर बनाना अब और महंगा होने वाला है. अमेरिकन कोयले की कीमतें बढ़ने से ईंटों के दाम भी 1 अप्रैल से प्रति हजार 1,000 रुपये तक बढ़ेंगे. आम आदमी अभी सीमेंट, सरिये की बढ़ी कीमतों के झटके से उबर नहीं पाया कि अब ईंटों के दाम बढ़ने वाले हैं.
इस समय प्रदेश में ईंटों के दाम 6,500 से लेकर 13,000 रुपये तक प्रति हजार हैं. ईंट के दाम बढ़ने का मुख्य कारण इसके निर्माण में इस्तेमाल अमेरिका से आयात किए जाने वाले कोयले के दाम बढ़ना माना जा रहा है. अधिकतर भट्ठा मालिक ईंट पकाने के लिए अमेरिका से आयात कोयला इस्तेमाल करते हैं.
मकान बनाना हुआ महंगा
अभी तक कोयले की कीमत 18,000 रुपये प्रति टन है, लेकिन अब यह 25,000 रुपये पहुंच गई है. पहले अमेरिकन कोयले पर पांच फीसदी जीएसटी लगता था, जो अब बढ़कर 12 प्रतिशत हो गया है. दरअसल अमेरिका से आ रहे कोयले की गुणवत्ता भारत के झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से आने वाले कोयले से बेहतर मानी जाती है.
25 मार्च तक आएगी कोयले की नई खेप
अमेरिका से बढ़ी कीमतों के साथ कोयले की नई खेप भट्ठों में 25 मार्च तक पहुंचेगी. बताया जा रहा है कि ईंट भट्ठों के एक सीजन में अच्छी गुणवत्ता वाले कोयले की 500 से 600 टन के बीच खपत होती है.
सीमेंट व सरिया के भाव भी चढ़े
मार्च तक एसीसी, अल्ट्राटेक और अंबुजा सीमेंट की प्रति बैग कीमत 430 रुपये तक रही. अब इसके दाम 432 रुपये प्रति बोरी तक पहुंच गए हैं. सरिया मार्च से पहले 6200 रुपये प्रति क्विंटल तक था और अब इसके दाम 6,500 रुपये पहुंच गए हैं.
पालमपुर में 13,000 रुपये में मिल रहीं एक हजार ईंटें
जिला कांगड़ा के विभिन्न क्षेत्रों में ईंटें अलग-अलग दामों पर मिल रही हैं. मौजूदा समय में पालमपुर में 13,000, देहरा में 10,000, इंदौरा में 6,800, कांगड़ा में 8,500, ज्वालामुखी में 8,000 और धर्मशाला के विभिन्न क्षेत्रों में 9,000 रुपये में एक हजार ईंट मिलती है. वहीं, कुल्लू जिले में 10,000 रुपये तक दाम हैं.
कोयले की कीमतें बढ़ने से पंजाब में बंद हो गए कई ईंट भट्ठे
कोयले की कीमतें 8,000 रुपये तक बढ़ने से पंजाब में 2,800 में ये 1,500 ईंट भट्ठे बंद हो चुके हैं. पंजाब से हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में ईंटों की आपूर्ति होती है.
