बजट सत्र: कांग्रेस ने आउटसोर्स कर्मचारियों के मुद्दे को लेकर किया हंगामा

मिशन रिपीट के लिए सरकार व संगठन के बीच बेहतर ताल-मेल जरूरी : जय राम ठाकुर -Panchayat Times
साभार इंटरनेट

शिमला. हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को विपक्षी दल कांग्रेस ने आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर जमकर हंगामा करने के बाद सदन से वाकआउट कर दिया. प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक इंद्रदत लखनपाल ने आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन-विसंगतियों को लेकर सवाल दागा, इस पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने जवाब दे दिया, लेकिन विपक्ष उससे संतुष्ठ नहीं हुआ.

मुख्यमंत्री ने जब यह कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण पूर्व की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ था, तो विपक्ष भड़क गया और इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने ना केवल हंगामा करते हुए नारेबाजी की, बल्कि सदन से वाकआउट भी कर दिया.

इससे पहले विधायक इंद्रदत लखनपाल के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण न हो. इन्हें समय पर वेतन दिया जा रहा है. इन कर्मचारियों के लिए यात्रा भत्ता, दैनिक भत्त और चिकित्सा अवकाश देने के अलावा महिला कर्मियों को मातृत्व अवकाश की सुविधा दी जा रही है. यह प्रावधान पहले नहीं थे.

उन्होंने कहा कि चुंकि आउटसोर्स कर्मचारी सरकार के अधीन नहीं आते, लिहाजा इनकी नियुक्तियों में आरएंडपी रूलस नहीं लगते. सरकार की तरफ से सेवा प्रदाता कंपनियों को आउटसोर्स कर्मियों को मासिक पर्ची के साथ समय पर नियमित वेतन देने के निर्देश जारी किए गए हैं. वर्तमान सरकार कि ओर से हर साल बजट में न्यूनतम वेतन बढ़ाया गया है, जिससे आउटसोर्स कर्मचारी भी लाभान्वित हुए हैं.

इंद्रदत लखनाल का कहना था कि आउटसोर्स कर्मचारियों को 15-15 घंटे काम लेने की बजाय बहुत कम मेहनताना दिया जा रहा है. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इन कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए कृतसंकल्प है और सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाली सेवा प्रदाता कंपनियों के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण तो पूर्व की कांग्रेस सरकार में हुआ था. जब इन कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने का वायदा करते हुए पीटरहाॅफ होटल में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया था. तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह को सातवीं बार मुख्यमंत्री बनाने के नारे लगाए गए थे. कांग्रेस ने राजीतिक मकसद से आउटसोर्स कर्मचारियों का इस्तेमाल किया और उनके हितों के लिए कुछ नहीं किया.

प्रश्नकाल में ही माकपा विधायक राकेश सिंघा ने आउटसोर्स कर्मचारियों को गे्रच्युटी देने का प्रावधान करने से जुड़ा सवाल उठाया. उस पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल सरकार का ऐसा कोई विचार नहीं है.