बजट सत्र: प्रश्नकाल के दौरान बाबूलाल मरांडी ने नेता प्रतिपक्ष के मुद्दे पर रखा अपना पक्ष

बजट सत्र: प्रश्नकाल के दौरान बाबूलाल मरांडी ने नेता प्रतिपक्ष के मुद्दे पर रखा अपना पक्ष-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

रांची. हाेली के अवकाश के बाद गुरुवार काे विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है. प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष के मुद्दे पर भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने अपना पक्ष रखा. उन्होंने स्पीकर रवींद्रनाथ महतो को आश्वासन दिया कि अब इस मुद्दे को लेकर भाजपा का कोई विधायक वेल में जाकर हंगामा नहीं करेगा. साथ ही उन्होंने स्पीकर से इस मुद्दे पर जल्द से जल्द निर्णय लेने का आग्रह भी किया.

उधर, कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायकों ने सदन के बाहर तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया. भाजपा विधायकों ने बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा देने की मांग की. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर दलगत राजनीति के कारण देरी की जा रही है. अब वे इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएंगे और चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेंगे.

भाजपा विधायक ने पूछा- बिना नेता प्रतिपक्ष के सदन कैसे चलेगा?

भाजपा विधायक अनंत ओझा ने कहा कि भाजपा के विधायक संवैधानिक व्यवस्थाओं का पालन करने के लिए विधानसभा के अंदर और बाहर विधानसभा स्पीकर से न्याय की गुहार लगा रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष के बिना विधानसभा का सत्र नहीं चल सकता है. निर्णय करने में देरी हो रही है. कहीं न कहीं दलगत राजनीति के दबाव में बाबूलाल मरांडी को विधायक दल का नेता चुनकर प्रतिपक्ष का नेता प्रतिपक्ष का आग्रह किया है. उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाने में देरी हो रही है. चुनाव आयोग ने भी बाबूलाल मरांडी के पार्टी के भाजपा में विलय को मंजूरी दे दी है.चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है. उन्होंने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है. हम लोकतंत्र और जनता की अदालत में जाने वाले हैं. हम आने वाले समय में जनता के बीच इस आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से ले जाएंगे.

प्रश्नकाल के दौरान भाजपा के विधायक अमित मंडल ने चुनाव आयोग का लेटर दिखाते हुए कहा कि बाबूलाल मरांडी के जेवीएम के विलय को संवैधानिक संस्था ने मंजूरी दे दी है. आपको भी ये लेटर मिला होगा. हम कैप्टन के बिना सदन में कैसे खेलेंगे.उन्होंने स्पीकर रवींद्रनाथ महतो से कहा कि गेंद आपके पाले में है. आप जैसे खेलेंगे, आपका निर्णय हमें मंजूर होगा.

प्रश्नकाल के दौरान बाबूलाल मरांडी ने नेता प्रतिपक्ष के मुद्दे पर रखा अपना पक्ष

प्रश्नकाल ने नेता प्रतिपक्ष के मुद्दे पर अपना पक्ष रखते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झाविमो ने 11 फरवरी को सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि भाजपा में विलय करेंगे। 17 को विलय किया. इसकी सूचना इलेक्शन कमीशन को दी. छह मार्च को कमीशन ने जेवीएम का भाजपा में विलय को स्वीकृति दी. 17 को भाजपा में विलय के बाद 24 को भाजपा विधायक दल की बैठक में मुझे विधायक दल का नेता चुन लिया. इस आशय सूचना आपतक पहुंचा दी गई. अब निर्णय आपके हाथ में है, आप आज लीजिए या कल लीजिए. उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर विधायक सदन में उठाना चाहते हैं.कार्यवाही बाधित होती है तो विधायक सदन में समस्याओं को रखने से वंचित रह जाते हैं.

उन्होंने कहा कि कुछ दिनों से बिजली को लेकर समस्याएं हैं. कई समस्याएं हैं जिसपर चर्चा होनी चाहिए. इसलिए आपसे और भाजपा के विधायकों से निवेदन है कि कम से कम नेता प्रतिपक्ष को लेकर विधायक आपसे मांग नहीं करेंगे. फिर से विधायक वेल में नहीं आएंगे. लेकिन मैं चाहूंगा कि आप निर्णय जरुर करेंगे.

स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर आपलोगों के मन में जो किंतु-परंतु है… मुझे भी अच्छा नहीं लग रहा है. इस मामले पर विधिक राय आने दीजिए। इसे आप भी समझ रहे हैं. थोड़ा वक्त लगेगा.. दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. इसके बाद बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मैं अपने विधायकों से निवेदन करुंगा कि वे वेल में नहीं जाएंगे. सदन में समस्याओं पर गंभीर चर्चा होगी.

बजट सत्र में अब तक छह दिनाें का सत्र हुआ है. हर दिन भाजपा के विराेध और हंगामे की वजह से सत्र बाधित हाेता रहा है. स्पीकर के तमाम प्रयासाें के बावजूद सदन में विपक्ष का हंगामा नहीं रुक पा रहा है. स्पीकर ने इसकाे लेकर सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी, लेकिन को फायदा नहीं हुआ. भाजपा विधायकाें ने सबसे ज्यादा हंगामा बाबूलाल मरांडी काे प्रतिपक्ष का नेता घाेषित करने काे लेकर किया है. वह अब भी इस मुद्दे काे लेकर हंगामा करने के मूड में नजर आ रहे हैं. बुधवार काे विधायक दल की बैठक में भी यह तय किया गया कि मरांडी काे प्रतिपक्ष का नेता घाेषित करने की मांग काे लेकर सदन से सड़क तक विराेध प्रदर्शन किया जाएगा.

अब जबकि भारत निर्वाचन आयाेग भी बाबूलाल मरांडी के अावेदन के अाधार पर झाविमाे के भाजपा में विलय काे मान लिया है और झाविमाे की राजनीतिक दल की मान्यता समाप्त करते हुए उसे दलाें की सूची से बाहर कर दिया है और पार्टी का सिंबल भी जब्त कर लिया है. ऐसे में भाजपा विधायकाें द्वारा स्पीकर पर यह दबाव डालने के लिए हंगामा किया जा सकता है कि वे अब आयाेग के फैसले काे आधार मानकर जल्द से जल्द बाबूलाल मरांडी काे नेता प्रतिपक्ष की मान्यता दें.

5वीं विधानसभा के 6 दिन

पहला दिन: बाबूलाल के मुद्दे पर हंगामा
दूसरा दिन: स्पीकर की बातों का विपक्ष पर असर नहीं, हंगामा जारी
तीसरा दिन: हंगामे के बीच बगैर चर्चा के ही पास हुआ अनुपूरक बजट
चौथा दिन: स्पीकर के तेवर चढ़े-विपक्ष को चेताया सदन को मजाक न बनाएं
पांचवा दिन: प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष स्पीकर के सामने पीटते रहे टेबल
छठा दिन: जेपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग पर प्रदर्शन