बजट सत्र : सदन में विधायकों ने कोरोना वायरस को लेकर राज्य में प्रतिष्ठानों को बंद करने की उठाई मांग

बजट सत्र : सदन में विधायकों ने कोरोना वायरस को लेकर राज्य में प्रतिष्ठानों को बंद करने की मांग उठाई -Panchayat Times

रांची. झारखंड बजट सत्र के नौंवे दिन की कार्यवाही के दौरान सोमवार को सदन में कई विधायकों ने कोरोना वायरस को लेकर राज्य में प्रतिष्ठानों को बंद करने की मांग उठाई. वहीं पोड़ैयाहाट से विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि गोड्डा में अडाणी कंपनी का काम चाइनिज कंपनी को मिला है. ऐसे में उनके स्वास्थ्य की जांच होनी चाहिए. वहीं माले विधायक विनोद सिंह ने अप्रवासी भारतीयों के वापसी पर उनके स्वास्थ्य के जांच की मांग की.

वहीं स्टीफन मरांडी ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा घोषित होने के बाद झारखंड सरकार रिस्क क्यों ले. सरकार से मांग करता हूं कि रिस्क नहीं लेना चाहिए. यहां किसी संदिग्ध में कोरोनावायरस की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन सतर्कता बरतने की जरुरत है.

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कोरोनावायरस पर सदन में विशेष चर्चा की मांग भाजपा के विधायकों की तरफ से की गई. भाजपा विधायक अनंत ओझा ने कोरोना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अभी झारखंड में बजट सत्र चल रहा है और कोरोना एक महामारी की तरफ पूरे विश्व में फैल रहा है. ऐसे में झारखंड भी इससे अछूता नहीं है. सदन में इस पर चर्चा होने से राज्य की जनता के मन में आ रही शंकाओं पर विराम लगेगा. साथ ही सरकार की तैयारी से भी जनता अवगत हो सकेगी.

झारखंड सरकार के मंत्री हाजी हुसैन अंसारी ने कहा कि कोरोना वायरस पर आज मुख्यमंत्री से चर्चा होना है. उसके बाद ही सरकार अपनी तैयारी को सार्वजनिक करेगी. सरकार इस मामले में सकारात्मक फैसला लेगी. उधर, कोरोना वायरस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार से जानने की कोशिश की जाएगी कि उनकी क्या तैयारी है. वहीं, निर्दलीय विधायक सरयू राय ने कहा कि सरकार को चाहिए कि विशेषज्ञ के बताए गए निर्देश का पालन करे.

भूख से मौत का मामला भी उठा

सिंहपुर पंचायत के करमा (शंकरडीह) गांव निवासी भूखल घासी की मौत का मामला एक बार फिर झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान उठाया गया. लेकिन सवाल के दौरान न तो सरकार की तरफ से और न ही विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से कोई प्रतिक्रिया आयी. चंदनकियारी विधायक सह पूर्व मंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि आज से पूर्व भी भाजपा के विधायकों ने भूखल घासी की मौत का मामला सदन में उठाया था और मांग की गई थी कि इस पर एक जांच कमिटी बनाई जाए. लेकिन आज तक कोई भी संज्ञान सरकार या विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से नहीं आया। उन्होंने बताया कि आज फिर के अखबारों ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। खबर में बताया गया है कि कैसे उस क्षेत्र के अधिकारी इस मामले को भूख से मौत का न बताते हुए बीमारी से मौत हुई है, ऐसा प्रमाणित करने की कोशिश कर रहे हैं.

अमर कुमार बाउरी ने कहा कि अधिकारी भूखल घासी के परिजनों को 25,000 रुपए का प्रलोभन दे कर मृतक के मौत का कारण बीमारी बताने की बात कहने का दबाब बना रहे हैं. उन्होंने इस मामले में पीड़ित के परिजनों को 5 लाख रुपए की राशि का मुआवजा अविलंब सरकार से देने की मांग की. साथ ही आरोपी अधिकारियों पर करवाई की भी मांग की. मामले की अनदेखी कर रही सरकार और विधानसभा अध्यक्ष को मैं बताना चाहता हूं कि जबतक भूखल घासी को उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, यह लड़ाई मैं अकेले ही लड़ता रहूंगा.

बारिश से फसल बर्बादी पर बोले नवीन जायसवाल

असमय बारिश के चलते किसानों की फसल बर्बाद होने संबंधी भाजपा के विधायक नवीन जायसवाल ने सवाल उठाया. उन्होंने सरकार को किसानों द्वारा बेची गई धान की राशि का भुगतान न होने का भी सवाल उठाया. प्रश्नकाल के दौरान बंधु तिर्की ने सवाल से पहले कहा कि बारिश से नुकसान का सवाल उठाया. मैं मांग करता हूं कि अधिकारियों को क्षेत्रों में भेजकर नुकसान का आकलन कराया जाए.

सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में कई विभागों से जुड़े सवालों पर चर्चा हो रही है. सरकार के संबंधित विभागों के मंत्री सवाल के जवाब दे रहे हैं. भोजनावकाश के बाद विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद सरकार का जवाब होगा. जरूरत पड़ने पर अनुदान मांगों को पारित कराने के लिए वोटिंग भी होगी. मालूम हो कि शनिवार एवं रविवार को सदन की कार्यवाही स्थगित थी.