13 दिनों से हरियाणा वाले परेशान, बस हड़ताल जारी है

रोडवेज कर्मचारी की हड़ताल हुई खत्म- Panchayat Times
प्रतीक चित्र

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार व रोडवेज यूनियनों की हठ ताल के चलते प्रदेश में 13 दिन से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई है. सरकार 720 प्राइवेट बसों को परमिट देने के फैसले पर अड़ी हुई है, तो रोडवेज यूनियनों की ओर से बेमियादी हड़ताल का ऐलान किया हुआ है. सरकार 720 बसों को परमिट देने के फैसले को जनहित में करार दे रही है तो यूनियनों ने इसे विभाग का निजीकरण की ओर कदम बता रही है. लिहाजा सरकार व यूनियनों की हठधर्मिता के चलते आमजन हलकान हो रहा है. न तो जनता अपने गतंव्य पर समय पर पहुंच पा रही है और ही उसे यातायात सुविधा का लाभ मिल रहा है.

रविवार को हड़ताल 13वें दिन में प्रवेश कर गई. सरकार से दो दौर की वार्ता विफल होने के बाद यूनियन सिर्फ मुख्यमंत्री से ही बातचीत करने पर अड़ी हुई हैं. पहले दौर में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर व परिवहन विभाग के एसीएस धनपत सिंह ने रोडवेज यूनियनों को मनाने की कोशिश की, लेकिन 720 बसों को परमिट देने के फैसले पर सहमति नहीं बन पाई. इसके बाद खुद परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार ने यूनियन के नेताओं को वार्ता का न्यौता दिया. परिवहन मंत्री के साथ करीब तीन घंटे लंबी वार्ता चली, लेकिन 720 बसों को चलाने के मामले पर हल नहीं निकल पाया. अलबत्ता इसके बाद यूनियनों का रोष सरकार के प्रति और बढ़ गया और हड़ताल चार दिन बढ़ाने का फैसला लिया. अब 29 अक्टूबर तक हड़ताल जारी रहेगी, लेकिन सरकार के रवैये से स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि सरकार अभी रोडवेज यूनियनों से वार्ता के मूड में नहीं है.

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हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी के राज्य महासचिव बलवान सिंह का कहना है कि सरकार वार्ता करने की बजाय रोडवेज यूनियन के नेताओं पर दवाब बना रही है. पुलिस की ओर से यूनियन के नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है. यूनियनों की ओर से सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि सरकार अड़ियल रवैया छोड़कर किलोमीटर योजना को रद्द करने व एस्मा के तहत की गई सभी कार्रवाई को वापस नहीं लेती है तो अनिश्चितकालीन जारी रहेगी.

सरकार का 2400 रोडवेज बसें चलाने का दावा

सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है विभिन्न रूटों पर रोडवेज की 2400 बसें चल रही हैं. रविवार को इनकी संख्या में ओर इजाफा होगा, क्योंकि 905 परिचालकों को भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसके साथ ही 1050 प्राइवेट बसें व आरटीए के माध्यम से 120 बसें चलाई जा रही हैं.

निजी वाहन लूट रही चांदी

रोडवेज की हड़ताल के चलते प्राइवेट बसें व निजी वाहन चांदी कूट रहे हैं. प्राइवेट बसों में यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है. सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली छात्र-छात्राओं को हो रही है. उन्हें अपने शिक्षण संस्थान तक पहुंचने के लिए किराया देना पड़ रहा है, जबकि रोडवेज की ओर से रियायती दरों पर पास सुविधा मुहैया करवाई गई है.