गाय गोद लेने के लिए प्रदेशभर में चलेगा अभियान

गाय गोद लेने के लिए प्रदेशभर में चलेगा अभियान-Panchayat Times
प्रतीक चित्र

सिरोही (जयपुर). सरकार की लाख कोशिश के बावजूद प्रदेश की सड़कों पर आवारा घूम रही गायों की जान बचाने के लिए अब अभियान चलेगा. भामाशाह, दानदाताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, समाजसेवियों एवं गोभक्तों को गौशालाओं की गाय गोद लेने को लेकर प्रेरित करने और गौवंश एवं उनके उत्पादों को समाज में उपयुक्त स्थान दिलाने के लिए गौशालाओं का पंजीकरण, उनके संचालकों एवं प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं योजनाएं चल रही हैं.

इसके बाद भी प्रदेश का गौवंश सड़कों पर आवारा विचरण करने एवं पॉलीथीन, सड़ा-गला कचरा खाने को मजबूर है. जिससे देशी गौवंश अपनी पहचान खो रही हैं. गाय बचाने के इस अभियान की गुरुवार को जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने जिलाधिकारियों को जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले में बेसहारा गायों को संरक्षण अभियान अन्तर्गत जिले की सड़कों पर घूमते बेसहारा, वृद्ध बीमार एवं अनुत्पादन गौवंश का संरक्षण और उनके उचित भरण पोषण के लिए विभिन्न संवेदनशील नागरिकों एवं भामाशाहों को गौवंश गोद दिया जाएगा. गायों को गोद लेने के लिए कोई भी इच्छुक व्यक्ति जिले में संचालित विभिन्न गौशालाओं में प्रति गाय उनकी ओर से तय की गई दरों पर राशि जमा करवा कर गाय संबंधित गौशाला को सम्भलवा सकेगा.

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वह अपनी गोद ली गई गायों को कभी भी उस गौशाला में जाकर देख सकेगा. यदि कोई संवेदनशील व्यक्ति बेसहारा घूमते गौवंश को अपने घर पर रख कर उसकी देखभाल करना चाहता है तो भी गाय गोद ले सकेगा. इन दोनों परिस्थितियों में गोद ली गई गाय की टैगिंग पशाुपालन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों कि ओर से की जाएगी. बेसहारा गायों को संरक्षण अभियान अन्तर्गत इच्छुक व्यक्ति को जिला कलक्टर या कार्यालय संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग कार्यालय, समस्त कार्यालय उपखण्ड अधिकारी में से किसी भी एक कार्यालय में गाय लेने के लिए आवेदन करना होगा.

जिन भामाशाहों एवं संवेदनशील नागरिकों कि ओर से बेसहारा गायों को गोद लिया गया हैं. उन्हे जिला कलक्टर ने गणतंत्र दिवस या स्वतंत्रता दिवस पर जिला स्तर पर सम्मानित करने की योजना बनाई जाएगी. चौपालों एवं भिन्न-भिन्न विभागों के शिविरों में आमजन से सम्पर्क कर अभियान को सफल बनाने के लिए और बेसहारा घूमती गायों को संरक्षण दिलवाने के लिए जागरूक किया जाएगा. समस्त जिलों को इस अभियान के तहत आवारा, वृद्ध, असहाय, गौवंश से मुक्त करने का प्रयास किया जाएगा.