आय से अधिक सम्पति के मामले में पांच पूर्व मंत्रीयो के खिलाफ जनहित याचिका दायर

आय से अधिक सम्पति के मामले में पांच पूर्व मंत्रीयो के खिलाफ जनहित याचिका दायर - Panchayat Times

रांची. रघुवर कैबिनेट के पांच पूर्व मंत्रियों के खिलाफ आय से अधिक सम्पति मामले में जनहित याचिका दायर हुई है. पांचों पूर्व मंत्री ने पांच साल के अपने कार्यकाल के दौरान दो सौ प्रतिशत से एक हजार प्रतिशत तक आय में वृद्धि की है.

याचिकाकर्ता पंकज कुमार यादव ने सीबीआई से सम्पति जांच की याचिका दायर की है.  पंकज यादव ने यह मांग की है कि पहली बार विधायक और मंत्री बने पूर्व मंत्रियों के सम्पति में पांच साल में एक हज़ार प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी  की जांच हो और किन किन अवैध स्रोतों से पांचों मंत्रियों ने सम्पति अर्जित की है. उसके स्रोतों का भी अध्यन रिपोर्ट कोर्ट में पंकज यादव ने सौंपी है.

पूर्व मंत्री अमर बाउरी, रणधीर सिंह, नीरा यादव, लुइस मरांडी और नीलकंठ सिंह मुंडा के अवैध सम्पति के जांच का आधार पूर्व मंत्री बंधू तिर्की का डीए केश को भी बनाया गया है.

पूर्व मंत्री बंधू तिर्की के पांच साल के  कार्य काल के दौरान एक सौ बत्तीस प्रतिशत समाप्ति की बढ़ोतरी हुई थी. और इनपर डीए केश चल रहा है. बंधु तिर्की को इस मामले में जेल की हवा भी कहानी  पड़ी थी. वर्तमान में पांचो मंत्रियों के खिलाफ दो सौ से एक हज़ार प्रतिशत तक सम्पति की बढ़ोतरी हुई है.

उल्लेखनीय है कि पांचों पूर्व मंत्रियों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका करने वाले पंकज यादव  ने  इसी महीने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और अन्य अधिकारियों के खिलाफ मोमेंटम झारखंड मामले में एसीबी में एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है.

इनकी बढ़ी इतनी संपत्ति

अमर बाउरी की वर्ष 2014 में 7.33 लाख से वर्ष 2019 में 89.41लाख हो गयी. रणधीर कुमार सिंह वर्ष 2014 में 78.92 लाख वर्ष 2019 में 4.27 करोड़ हो गयी. नीरा यादव वर्ष 2014 में 80.59 लाख वर्ष 2019 में 3.65 करोड़, लुईस मरांडी 2.25 करोड़ वर्ष 2019 में 9.06 करोड़, नीलकंठ सिंह मुंडा वर्ष 2014 में 1.46 करोड़ वर्ष 2019 में 4.35 करोड़ हो गयी है.

पंकज यादव ने कहा कि सभी पूर्व मंत्रियों की आय पांच साल में एक हजार फीसदी तक बढ़ी है. जाहिर है कि सिर्फ वेतन से उनकी आय इतनी ज्यादा नहीं बढ़ सकती है. इसलिए उनके संपत्ति की सीबीआई जांच होनी ही चाहिए. जांच के बाद साफ हो जाएगा कि कैसे इन्होंने इतनी संपत्ति मंत्री रहते हुए इतने कम समय में बनायी.