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आखि़र दिक्कत थी क्या: तीन तलाक़ या उसका तरीका?

सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर फ़ैसला सुनाते हुए उस पर 6 महीनों की रोक लगा दी है और सरकार को कानून बनाने के...

यौम-ए-आज़ादी: कर फ़ना तू जिंदगानी..

यौम-ए-आज़ादी  (आजादी का दिन) का ख़ुमार सर चढ़कर बोल रहा है. बोले भी क्यों न, आज़ादी की जो बात है. जगह जगह आज़ादी को...

नीतीश ने एक बार फिर गांधी को धोखा दिया?

इस साल चंपारण सत्याग्रह के सौ साल पूरे होने के मौके पर राजकीय स्तर पर पूरे तामझाम के साथ महात्मा गांधी को याद करने...

छिपी हुई चाहतें बनाम निजता की बहस वाया ‘स़ाराह’

पिछले दो दिनों से सा़राह के प्रति लोगों की दीवानगी से यह पता चलता है कि इंसान बहुत सी चीज़ें अपने मन में दबाए...

आख़िर कब कटेगी अफवाहों की चोटी ?

हाल ही में एक ख़बर लगातार चर्चा में बनी हुई है कि कोई आता है और चुपके से महिलाओं की चोटी काट के भाग...

किशोर कुमार: ‘ख़्वाब हो तुम या कोई हकीक़त’

1929 में आज ही के दिन एक ऐसी शख्सियत दुनिया में आई, जिसे शायद ही कोई भुला सके. उनका तारूफ़ किस अंदाज़ में किया...

तब खेत ही नहीं दिलों को भी सींचती थी ‘पइन’

तब नदी में नहाने की मनाही थी. हम फसलों के पटवन होने का इंतजार किया करते थे. तब पटवन के लिए पम्पिंग सेट को...

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