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छिपी हुई चाहतें बनाम निजता की बहस वाया ‘स़ाराह’

पिछले दो दिनों से सा़राह के प्रति लोगों की दीवानगी से यह पता चलता है कि इंसान बहुत सी चीज़ें अपने मन में दबाए...

आख़िर कब कटेगी अफवाहों की चोटी ?

हाल ही में एक ख़बर लगातार चर्चा में बनी हुई है कि कोई आता है और चुपके से महिलाओं की चोटी काट के भाग...

किशोर कुमार: ‘ख़्वाब हो तुम या कोई हकीक़त’

1929 में आज ही के दिन एक ऐसी शख्सियत दुनिया में आई, जिसे शायद ही कोई भुला सके. उनका तारूफ़ किस अंदाज़ में किया...

तब खेत ही नहीं दिलों को भी सींचती थी ‘पइन’

तब नदी में नहाने की मनाही थी. हम फसलों के पटवन होने का इंतजार किया करते थे. तब पटवन के लिए पम्पिंग सेट को...

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