सीबीआई या एनआईए से कराई जाए 7 आदिवासियों की हत्या की जांच : समीर उरांव

सीबीआई या एनआईए से कराई जाए 7 आदिवासियों की हत्या की जांच : समीर उरांव - Panchayat Times

रांची/नई दिल्ली. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर गठित छह सदस्यीय जांच कमेटी ने चाईबासा में हुए सात आदिवासियों की सामूहिक हत्या मामले की जांच रिपोर्ट नड्डा को सौंप दी है.भाजपा के राज्यसभा सांसद समीर उरांव ने गुरुवार को दिल्ली स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में यह जानकारी दी और इस घटना की जांच सीबीआई या एनआईए के कराने की मांग की.

उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर छह सदस्यीय जांच कमेटी को चाईबासा में हुए सात आदिवासियों की सामूहिक हत्याकांड की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर सौंंपना सुनिश्चित किया गया था.

जांच दल ने जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह को बुधवार को ही दिल्ली में सौंप दी. उरांव ने कहा कि जांच दल ने गृह मंत्री से मांग की कि चाईबासा में हुए नरसंहार की सीबीआई या एनआईए से जांच कराई जाए.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आनन फानन में अवैध पत्थलगड़ी एवं देशद्रोह के आरोपितोंं के ऊपर से केस हटाने का निर्णय लिया. इस वजह से ही आरोपितों का मनोबल बढ़ा और घटना को अंजाम दिया गया. जांच दल ने यह भी मांग की कि पत्थलगड़ी के आरोपितों के ऊपर दर्ज केस की समीक्षा की जाए.

उरांव ने कहा कि झारखंड में इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद वहां के शासन द्वारा शोक संतप्त परिवारों को कोई आश्वासन या मुआवजा नहीं दिया गया बल्कि सबकुछ जानते हुए भी भ्रम फ़ैलाने के लिए एसआईटी के गठन की बात की जाती है. इस जघन्य घटना को आपसी रंजिश का रूप देने की कोशिश की जा रही है.

सांसद उरांव ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस की सरकार कभी भी आदिवासियों के हितैषी नहीं रहे हैं. उरांव ने कहा कि कुछ समय पहले तबरेज अंसारी की पिटाई हुई थी. उसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रियंका वाड्रा, राहुल गांधी ने देशभर में घूम-घूम कर बात उठाई थी लेकिन झारखंड के आदिवासियों की नृशंस हत्या हो जाती है तो इनके मुंह से एक शब्द भी नहीं निकलता. यह कांग्रेस और झामुमो की नीति है. उरांव ने कहा कि जांच दल ने यह भी मांग की है कि मरने वाले परिवार को मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए.