छात्रवृति घोटाला : सीबीआई ने इन जिलों के निजी शिक्षण संस्थानों में मारा छापा

छात्रवृति घोटाला : सीबीआई ने इन जिलों के निजी शिक्षण संस्थानों में छापा मारा-Panchayat Times

शिमला. हिमाचल में पूर्व कांग्रेस सरकार के समय में हुए 250 करोड़ से अधिक छात्रवृति घोटाले के भ्रष्टाचार के खेल की जांच में जुटी केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई.)ने जांच को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार को एक साथ 4 जिलों के निजी शिक्षण संस्थानो में दबिश दी. सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने ऊना, कांगड़ा, चंबा और सिरमौर जिला के निजि शिक्षण संस्थानो में छापामारी कर शैक्षाणिक संस्थानों से छात्रवृति घोटाले से जुड़े अहम रिकार्ड को खंगालकर कब्जे में लिया.

सीबीआई के रिकार्ड खंगालने की कार्रवाई देर शाम तक जारी रही. सीबीआई ने इन निजी शिक्षण संस्थानों से किस वर्ष कितनी एडमिशन हुई और कितनों को छात्रवृृति बांटी गई, इसका रिकार्ड खंगाला है. सूत्रों के अनुसार कुछ निजी संस्थानों ने विद्यार्थियों के बैंक खाते संस्थान के आसपास ही खुलवा लिए. इसमें कुछ खाते चंडीगढ़ और हरियाणा के बैंक में है, जो कि संदेह के दायरे में है. सीबीआई की एकाएक कार्रवाई से निजी शिक्षण संस्थानों के प्रबंधको की धुकधुकी बढ़ गई.

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सीबीआई ने बीते मई महीने में हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ स्थित 22 शैक्षाणिक संस्थानों में दबिश दी थी. यह दबिश शिमला, सिरमौर, ऊना, बिलासपुर, चंबा और कांगड़ा स्थित कई शैक्षणिक संस्थानों के साथ ही करनाल, मोहाली, नवांशहर, अंबाला और गुरदासपुर में भी संस्थानों पर दबिश दी थी.

सीबीआई की माने तो स्कॉलरशिप घोटाला देश के कई राज्यों में फैला हुआ है. कई राष्ट्रीयकृत बैंक भी इसमें शामिल हैं. शिक्षा विभाग कि ओर से की गई प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि कई निजी शिक्षण संस्थानों ने फर्जी एडमिशन दिखाकर सरकारी धनराशि का गबन किया है. साल 2013-14 से लेकर साल 2016-17 तक किसी भी स्तर पर छात्रवृत्ति योजनाओं की मॉनीटरिंग नहीं हुई. जांच रिपोर्ट के अनुसार 80 फीसदी छात्रवृत्ति का बजट सिर्फ निजी संस्थानों में बांटा गया जबकि सरकारी संस्थानों को छात्रवृत्ति के बजट का मात्र 20 फीसदी हिस्सा मिला. सीबीआई ने छात्रवृति घोटाला आईपीसी की धारा 409,419,466 और 471 के तहत मामला दर्ज किया है.