तो हिमाचल में ऐसे मनायी गयी ईद…

कुल्लू/सोलन. देशभर में जहां ईद उल फितर का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है वहीं कुल्लू जिला की जामा मस्जिद में भी ईद की नमाज अदा की गई. सैकड़ों की तादात में मुस्लिम युवको और बच्चों ने नमाज अदा की और अल्लाह ताला से सलामती की दुआ मांगी और एक-दूसरे से गले मिल कर सबको ईद की बधाई दी और सबकी सलामती की दुआ मांगी.

कुल्लू जिला की जामा मस्जिद के इमाम मौलाना नबाब हाशमी ने कहा कि ईद का मतलब खुशी है और खुशी तब तक पुरी नही होती जब तक उसे बांटा न जाये. खुशी बाटने से ही दुगुनी होती है और ईद का मकसद एक दूसरे को मुबारकबाद देना है. आज के दिन खास तौर से अपने दिलों के अंदर से छुआछूत दुश्मनी और जलन को मिटाकर देश की तरक्की के लिए दुआ मांगनी चाहिए. वहीं, कुल्लू जिला के पूर्व उपायुक्त यूनुस ने भी नमाज़ अदा की और उन्होंने सभी को ईद की बधाई दी और भाईचारा बना रहे और देश की तरक्की हो और सभी में खुशहाली हो ऐसी उन्होंने दुआ की.

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ईद के मौके पर सोलन की जामा मस्जिद में सुबह से भी भीड़ जुटने लगी थी. मुस्लिम समुदाय के लोग नहा धो कर नए कपड़ों में सज-धज कर नमाज पढ़ने के लिए एकत्र हुए. खूब हर्षोल्लास के साथ सोलन में ईद का त्यौहार मनाया गया. ईद उलफित्र के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने माल रोड़ पर स्थित जामा मस्जिद में नमाज़ अदा की और गले मिल कर एक दुसरे को ईद की बधाईयां दी. इस मौके पर सभी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने अच्छे भविष्य की कामना की.

इस मौके पर जामा मस्जिद के इमाम और यहां दूर-दूर से आए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने देश की तरक्की और सलामती की दुआ मांगी वहीं, प्रदेश की खुशहाली की कामना की. उन्होंने कहा कि सोलन की जामा मस्जिद में दूर-दूर से लोग नमाज़ अदा करने आए और सक्षम लोगों ने पैसे एकत्र कर जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता भी दी. उन्होंने कहा कि उनके दावारा एक माह तक भूखे प्यासे रह कर रोज़े रखे जाते हैं जिससे उन्हें पता चलता है कि गरीब की भूख और प्यास क्या होती है इसलिए वह हमेशा मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाते हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश दिन दोगुनी और रात चौगुनी उन्नती करे यह दुआ ईद के त्यौहार पर मांगी गई.