नई दिल्ली. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब में मनरेगा (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Scheme) के तहत फंड्स और काम के वितरण में हुई कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
चौहान ने यह घोषणा पंजाब के जालंधर में ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान की। इससे पहले उन्होंने मोगा जिले का दौरा किया, जहां उन्होंने पराली जलाने के बजाय इन-सिटू डिस्पोज़ल मॉडल अपनाने के लिए गांव रंसीह कलां पंचायत की सराहना की।
मनरेगा में बड़ी गड़बड़ियों की शिकायतें: चौहान
पत्रकारों से बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उन्हें मनरेगा कार्यान्वयन में कई अनियमितताओं की शिकायतें मिली हैं।
प्रमुख शिकायतें: फर्जी जॉब कार्ड, ठेकेदारों की मोनोपॉली,बिना काम के भुगतान, जैसे नहरों की सफाई, पात्र मजदूरों को काम से वंचित करना उन्होंने बताया कि मुखतसर और फाजिल्का जिले सबसे ज्यादा शिकायतों में शामिल हैं। चौहान ने कहा कि यह गंभीर मामला है। शिकायतों की विस्तृत जांच के लिए केंद्रीय टीम जल्द भेजी जाएगी। उन्होंने राज्य सरकार को भी आरोपित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पंजाब में मनरेगा निगरानी के लिए नई तकनीक
पंजाब के ग्रामीण विकास मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने बताया कि राज्य देश में पहला है जिसने मनरेगा मजदूरों के लिए Face Recognition और Geo-Tagging Attendance System शुरू किया है। यह सिस्टम अभी फतेहगढ़ साहिब में पायलट प्रोजेक्ट के तहत चल रहा है, जल्द ही इसे राज्य के सभी 23 जिलों में लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार पहले ही 23 अधिकारियों को निलंबित कर चुकी है, करीब ₹2 करोड़ की वसूली भी की जा चुकी है।
फंड में देरी पर केंद्रीय मंत्री का जवाब
AAP सरकार द्वारा बाढ़ राहत राशि न मिलने के आरोपों पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र पहले ही ₹480 करोड़ जारी कर चुका है और फंड रिलीज़ में कोई कमी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे राशि जारी करने से पहले राज्य को 75% खर्च का उपयोग प्रमाणपत्र (Utilisation Certificate) जमा करना होगा।
मोगा पंचायत बनी देश के लिए मिसाल
मोगा दौरे के दौरान चौहान ने गांव की पंचायत और 36 वर्षीय सरपंच प्रीत इंदर पाल सिंह की सराहना की।
गांव की उपलब्धियां
6 साल से पराली नहीं जलाई गई,जैविक अवशेष से खाद बनाकर फसल उत्पादन बढ़ाया,खुले नालों को ढककर डेंगू- मलेरिया का खतरा खत्म किया,चौहान ने इसे राष्ट्रीय मॉडल पंचायत बताया।
पल्सेज और कृषि नीति पर बड़ा बयान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार अरहर, उड़द और मसूर दाल की 100% खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर करेगी। भारत अब भी दाल और तेल बीज आयात करता है, इसलिए फसलों में बदलाव जरूरी है। हालांकि उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि गेहूं और धान खरीद पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
मुख्य बिंदु (Quick Highlights)
| विषय | स्थिति |
|---|---|
| मनरेगा गड़बड़ियों की जांच | केंद्र टीम भेजेगी |
| तकनीकी बदलाव | फेस रिकॉग्निशन व जियो टैगिंग सिस्टम |
| कार्रवाई | 23 अधिकारी निलंबित, ₹2 करोड़ वसूले |
| फंड विवाद | केंद्र ने ₹480 करोड़ जारी करने का दावा किया |
| मोगा पंचायत | देश के मॉडल गांव के रूप में सराहना |
| MSP पर नीति | दालों की 100% खरीद करने का ऐलान |
