ग्रामीण भूमिहीन मजदूरों के लिये छत्तीसगढ़ सरकार ने शुरु की ‘राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन मजदूर न्याय योजना’, 12 लाख भूमिहीन परिवारों को मिलेगा फायदा, जानिए क्या है ये योजना

ग्रामीण भूमिहीन मजदूरों के लिये छत्तीसगढ़ सरकार ने शुरु की ‘राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन मजदूर न्याय योजना', 12 लाख भूमिहीन परिवारों को मिलेगा फायदा, जानिए क्या है ये योजना - Panchayat Times

नई दिल्ली. छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने हाल ही में 12 लाख भूमिहीन परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए 200 करोड़ रुपए के प्रावधान के साथ ‘राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन मजदूर न्याय योजना’ की शुरुआत की है. राज्य सरकार के मुताबिक, इस योजना राशि को वित्तीय वर्ष 2021-2022 के अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है. इस योजना की घोषणा राज्य विधानमंडल में 28 जुलाई को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा की गई थी.

ग्रामीण भूमिहीन मजदूरों के लिये

गौरतलब है कि यह ग्रामीण भूमिहीन मजदूरों के लिये आर्थिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में अपनी तरह की पहली योजना है. इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण भूमिहीन मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी के साथ समर्थन प्रदान करना है ताकि बुनियादी सुविधाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित की जा सके. योजना के तहत लाभार्थी परिवारों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपए की राशि प्रदान की जाएगी. लाभार्थियों को 31 मार्च, 2022 को इस वित्तीय वर्ष के अंत से पहले योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है.

इस योजना के सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिये राज्य सरकार ने लाभार्थी के बैंक खाते से संबंधित किसी भी समस्या को 15 दिनों के भीतर हल करने हेतु एक सिस्टम भी स्थापित किया है. राज्य सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से मुख्य तौर पर मनरेगा और ठेका श्रमिकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

12 लाख से अधिक भूमिहीन मजदूरों के परिवारों को फायदे की उम्मीद

राज्य सरकार के अनुसार, “राजीव गांधी ग्रामीण भूमि मजदूर न्याय योजना” आर्थिक तंगी से जूझ रहे 12 लाख से अधिक भूमिहीन मजदूरों के परिवारों को आर्थिक रूप से समर्थन देकर न्याय देगी, जिनके पास जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा भी नहीं है, फिर भी वे अपनी आय के लिए कृषि श्रमिकों पर निर्भर हैं. ये योजना मनरेगा और ठेका श्रमिकों को कवर करने पर केंद्रित है, लेकिन प्रदेश में इस योजना के तहत नाइयों, लोहारों, धोबी और पुजारियों जैसे लाभार्थियों को भी सहायता प्रदान की जाएगी.