छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव: प्रथम चरण की वोटिंग जारी, दो घंटे में 15 फीसदी मतदान

पांचवें चरण में सोमवार को झारखंड की चार सीटों रांची, खूंटी, हजारीबाग
फाइल फोटो

रायपुर. छत्तीसगढ़ में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहले चरण का मतदान शुरू हो गया है. पहले चरण की वोटिंग के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. आज नक्सल (माओवाद) प्रभावित आठ जिलों के मतदाता मुख्यमंत्री रमन सिंह समेत 190 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. पहले चरण में 18 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान जारी है.

10 विधानसभा क्षेत्रों में सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक वोट डाले जायेंगे. वहीं, शेष आठ विधानसभा क्षेत्र जिसमें से राजनांदगांव जिले के पांच और बस्तर जिले के तीन विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं, में सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक वोट डाले जायेंगे.

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र मोहला-मानपुर, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोण्डागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोण्टा में सुबह सात से दोपहर तीन बजे तक मतदान होगा. वहीं विधानसभा क्षेत्र खैरागढ, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, खुज्जी, बस्तर, जगदलपुर और चित्रकोट में सुबह आठ बजे शाम पांच बजे तक मतदान होगा.

प्रथम चरण में कुल मतदान केन्द्रों की संख्या 4336 है, जहां 31,80,014 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 15,57,435 तथा महिला मतदाताओं की संख्या 16,22,492 है. वहीं 87 मतदाता तृतीय लिंग के हैं. पहले 2 घंटे में 15 फीसदी मतदान हो चुका है, केंद्रों में लंबी-लंबी कतारें लगी हैं.

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदान को लेकर जबर्दस्त उत्साह

छत्तीसगढ़ में नक्सली खौफ के साथ पहले चरण का मतदान शुरू हो गया है. प्रथम दो घंटों में 15 प्रतिशत मतदान हो चुका है. पहले चरण की 18 सीटों में से 10 सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ. मतदान केन्द्र में अब तक बस्तर से काफी उत्साहजनक नजारे देखने को मिले हैं. दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कोंटा, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर जैसे क्षेत्रों में पहले घंटे में करीब 13 फीसदी मतदान होने की सूचना है.

इधर अभी तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. हालांकि मतदान के ठीक पहले दंतेवाड़ा के कातेभर में नक्सलियों ने एक आईईडी ब्लास्ट कर दहशत फैलाने की कोशश की थी, लेकिन इसका असर चुनाव में नहीं देखने को मिला. अभी भी लंबी-लंबी कतारें लगी हुई है. हलांकि बीजापुर के कुछ जगहों पर ईवीएम की खराबी से मतदान में बाधा पहुंची, लेकिन बाद में उसे दुरुस्त कर लिया गया है.