छत्तीसगढ़ न्यायिक अकादमी के नये भवन का लोकार्पण

छत्तीसगढ़ न्यायिक अकादमी के नये भवन का लोकार्पण-Panchayat Times
छत्तीसगढ़ न्यायिक अकादमी के नये भवन का लोकार्पण

रायपुर. सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा ने कहा है कि न्याय प्राप्त करना देश के सभी नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है. इसके लिए न्यायिक अधोसंरचनाओं का होना भी जरूरी है. भौतिक अधोसंरचना की दृष्टि से भवन तो महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इसके साथ-साथ बौद्धिक अधोसंरचना की भी जरूरत होती है. उन्होंने न्यायिक अधिकारियों में ज्ञान और कौशल की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक न्यायाधीश को संविधान के दायरे में रहते हुए संवेदनशील होना चाहिए.

न्यायमूर्ति दीपक मिश्र शनिवार को छत्तीसगढ़ के संभागीय मुख्यालय बिलासपुर में स्थित उच्च न्यायालय परिसर में छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के नये भवन का लोकार्पण करते हुए. इस आशय के विचार व्यक्त किए. भवन का निर्माण 28 करोड़ 17 लाख रुपए की लागत से किया गया है. न्यायमूर्ति मिश्रा ने न्यायिक अकादमी के लिए नया भवन उपलब्ध होने पर खुशी जतायी और कहा कि अकादमी में जजों को न्यायिक प्रशिक्षण की बेहतर सुविधा मिलेगी.

उन्होंने यह भी कहा कि सभी जजों को देश के नये कानूनों की भी पूरी जानकारी होनी चाहिए. उन्हें विनम्र होना चाहिए और प्रकरणों में संविधान के दायरे में रहकर पूरी निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ निर्णय देना चाहिए. कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश  अजय कुमार त्रिपाठी ने भारत के मुख्य न्यायाधिपति दीपक मिश्रा का परिचय देते हुए उन्हें कर्मयोगी, कवि, लेखक और चिंतक बताया.

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि लोकतंत्र में सुशासन की परिकल्पना को साकार करने के लिए न्याय प्रक्रिया में भी निष्पक्षता, पारदर्शिता और तत्परता बहुत जरूरी है. छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से राज्य में न्यायिक प्रशासन को हर प्रकार की बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है. न्यायिक प्रशासन निरंतर विकास की ओर अग्रसर है. उन्होंने कहा-विधि विभाग का बजट राज्य निर्माण के समय सिर्फ 16 करोड़ रपए था, जो अब बढ़कर 641 करोड़ रुपए हो गया है. इस अवधि में न्यायिक अधिकारियों की संख्या 102 से बढ़कर 450 हो गई है.