मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीएम से पूछा ये सवाल

 मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीएम से पूछा ये सवाल-Panchayat Times
साभार : ऑफिसियल फेसबुक अशोक गहलोत

जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश को बताना चाहिए कि कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के बालाकोट में वायुसेना कि ओर से किए गए एयर स्ट्राइक से कितने आतंकवादी मारे गए.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एयर स्ट्राइक को लेकर जिस तरह की राजनीति कर रहे हैं. वह प्रधानमंत्री पद की गरिमा के अनुकूल नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के मंत्री और भाजपा के नेता के अलग-अलग आंकड़ें देकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. जो कांग्रेस कभी बर्दाश्त नहीं करेगी.

मुख्यमंत्री अशोक ने कहा कि स्ट्राइक के बाद भाजपा और मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि एयर स्ट्राइक में 350 आतंकवादी मारे गए हैं. बाद में एक जनसभा में भाजपा प्रमुख अमित शाह ने कहा कि 250 आतंकवादी मारे हैं. वहीं सरकार के मंत्री एस एस अहलूवालिया का कहना था कि स्ट्राइक का मकसद संदेश देना था जान लेना नहीं.

उन्होंने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि मोदी को सर्जिकल स्ट्राइक के संबंध में स्पष्टीकरण देना चाहिए, यह देश हित में है.  एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने भी कहा है कि पाकिस्तान पर की गई स्ट्राइक में कितने आतंकवादी मारे गए वायु सेना यह बताने की स्थिति में नहीं है हमारा काम टारगेट करना है, कितने लोग मारे गए सरकार इसे स्पष्ट करेगी.  राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए मोदी ने भाषा का स्तर भी गिरा दिया है और इस संकट के अवसर का भी हर प्रकार से चुनावी लाभ उठाने की प्रयास कर रहे हैं.

गहलोत ने केंद्र सरकार पर विपक्षी नेताओं को टारगेट करने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि चाहे वह हुड्डा हों, चिदंबरम और रॉबर्ट वाड्रा हो, तेजस्वी यादव, मायावती और अखिलेश हों, केवल विपक्षी नेताओं को टारगेट किया जा रहा है, तो क्या मोदी गारंटी देते हैं कि उनकी पार्टी में कोई भी ऐसा नेता नहीं है.

इसके खिलाफ ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कार्रवाई कर सकें. मोदी ने पांच साल में डेमोक्रेसी की परंपरा को जिस में विपक्ष का भी सम्मान होता है. उनकी भावनाओं का सम्मान होता है, को समाप्त कर दिया. सीबीआई, चुनाव आयोग, न्यायपालिका, आयकर विभाग जैसी स्वतंत्र संस्थाओं को कमजोर कर दिया. पीएम के अंदर जो अहम और घमंड है, उसके कारण ही उन्होंने विपक्ष के साथ रिश्ते बिगाड़े.

उन्होंने राम मंदिर और गौ संरक्षण के मुद्दे भी उन्हें चुनाव में ही याद आते हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश की पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार के समय करीब सत्तर हजार गायें हिंगोनिया गौशाला में मर गई, उनकी सुध नहीं ली गई. देश भर में किसान आत्महत्या कर रहे हैं, उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है. पुत्र वैभव गहलोत के चुनाव लड़ने के संबंध में उन्होंने कहा कि जहां से कार्यकर्ता चाहेंगे, पार्टी चाहेगी वहीं से वैभव चुनाव लड़ेंगे. यह कांग्रेस आलाकमान तय करेंगे कि वैभव को चुनाव लड़ाना है या नहीं.  वैभव गहलोत का नाम उनके खाते में नहीं आएगा. इस दौरान सीएम गहलोत के साथ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा भी मौजूद रहे.