गरीबों-असहायों लोगों को बार-बार न दौड़ायें बैंक, मुख्यमंत्री ने दी हिदायद

रांची. गरीबों से जुड़ी योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है. लेकिन बैंकों से पूरी तरह से सहयोग नहीं मिल रहा है. राशि जमा होने के बाद भी लाभार्थियों को पूरी राशि नहीं मिल पा रही है. यह उचित नहीं है. इस तरह की कोताही को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी. ये बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बैंकों के राज्यस्तरीय प्रमुखों, महाप्रंबधकों, उप महाप्रबंधकों के साथ बैठक में कहीं.

महत्वकांक्षी योजनाओं की झारखण्ड मंत्रालय में समीक्षा

झारखंड मंत्रालय में सभी बैंकों के राज्यस्तरीय प्रमुखों, महाप्रंबधकों, उप महाप्रबंधकों के साथ गुरुवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें आ रही हैं. कहीं-कहीं लाभार्थियों के खाते में किस्त की राशि आने के बाद भी उन्हें पूरी राशि नहीं दी जा रही है. इससे आवास निर्माण काम धीमा हो जा रहा है. इसे पीछे बैंकों में राशि की कम उपलब्धता को बताया जाता है. ऐसा नहीं होना चाहिए. जब लाभार्थी आएं, तो तत्काल उसे पूरी राशि दी जायेगी, ताकि वह तेजी से आवास बनवा सके.

सखी मंडलों को दें तव्वजो

इसी प्रकार आधार सिडिंग के मामले में मुख्यालय और जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी को लगायें, जो वहीं से बैठकर खातों को आधार से जोड़े. जिन खातों में परेशानी आयेगी, उन्हीं खातों को शाखा में भेजा जाये. बीडीओ की ओर से प्रमाणित करने पर आधार सिडिंग में आनाकानी नहीं की जानी चाहिए. बैंक सखी मंडलों को तव्वजो दें. उसकी मदद से बैंक के काफी काम हो सकते हैं. किसी भी तरह की परेशानी होने पर लोगों को मुख्यमंत्री जन संवाद 181 पर शिकायत करने के लिए कहें।

लोन देने में न करें कंजूसी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सखी मंडल को लोन देने में कंजूसी न करें. इनके छोटे-छोटे लोन होते हैं. ये समय से राशि भी लौटाती हैं. हर किसी को संदेह की दृष्टि से न देखें. कुछ गलत लोगों के कारण ज्यादातर लोगों को लोन से वंचित न करें.

बैठक में विकास आयुक्त अमित खरे, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डा.सुनील कुमार वर्णवाल, विभिन्न जिलों के उपायुक्त तथा बैंकों के राज्यस्तरीय अधिकारी उपस्थित थे.