कोनार सिंचाई परियोजना के खेतों में पानी पहुंचने का सपना हुआ साकार

कोनार सिंचाई परियोजना के खेतों में पानी पहुंचने का सपना हुआ साकार-Panchayat Times
साभार : ऑफिसियल फेसबुक रघुवर दास

हजारीबाग. कोनार सिंचाई परियोजना के उद्घाटन के साथ ही विकास को नया आयाम मिला है. यह एक नए युग की शुरुआत है . इस सिंचाई परियोजना से हजारीबाग, गिरिडीह और बोकारो में विकास की धारा बहेगी. यह इन इलाकों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा.

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार को हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड स्थित बनासो में आज कोनार सिंचाई परियोजना के टनेल मुख्य नहर और अन्य सिंचाई योजनाएं राज्यवासियों को समर्पित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि इससे खेतों के पैदावार में व्यापक वृद्धि होगी. इस इलाके में समृद्धि आएगी और किसान खुशहाल होंगे. इससे वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुनी करने के सरकार के इरादे को बल भी मिलेगा.

11 सिंचाई योजनाओं का आनलाइन उद्घाटन

रघुवर दास ने इस मौके पर 11 सिंचाई योजनाओं का आनलाइन उद्घाटन किया. इसके अलावा जल संसाधन विभाग के परियोजना पद्धति अनुश्रवण प्रणाली एप्प को भी लांच किया. इस एप्प के जरिए यह पता चल सकेगा कि जल संसाधन विभाग की क्या-क्या उपलब्धियां हैं. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने विभाग को कहा कि कोनार सिंचाई परियोजना के टनल पर सोलर पावर प्लांट लगाएं, ताकि आसपास के इलाकों को भी बिजली मिल सके.

गांवों के विकास से ही राज्य और देश की समृद्धि

मुख्यमंत्री ने कहा कि जबतक गांव समृद्ध नही होंगे, राज्य और देश में समृद्धि नहीं आ सकती है. इसी को ध्यान में रखकर केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर राज्य सरकार काम कर रही है. इसी का नतीजा है कि झारखंड आज तेजी से विकास के रस्ते पर आगे बढ़ रहा है. मुख्यमत्री ने कहा कि बहुत जल्द झारखंड वैश्विक मानचित्र पर अपनी पहचान बना लेगा और विश्व के विकसित देशों के समकक्ष खड़ा रहेगा.

सिंचित भूमि में तीन गुना इजाफा

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 तक झारखंड में मात्र चार लाख हेक्टयर भूमि सिंचित थी वहीं पिछले पांच सालों में बारह लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध है. इस तरह सिंचित इलाके में तीन गुना बढ़ोत्तरी हुई हैं. उन्होंने कहा कि सिंचाई कि छोटी छोटी योजनाओं को प्राथमिकता सरकार दे रही हैं ताकि इसे समय पर पूरा किया जा सके. उन्होंने बताया कि अभी सिंचाई योजनाओं पर हर साल औसतन लगभग 1326 करोड़ खर्च किए जा रहे है.

कृषि के साथ पशुपालन को भी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से कृषि के साथ पशुपालन को भी प्राथमिकता दी जा रही है. पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं को 90 प्रतिशत सब्सिडी पर दो-दो गाय दी गई है. अगर युवा समूह बनाकर डेयरी फॉर्म खोलेंगे तो सरकार की ओर से 50 परसेंट सरकार द्वारा दी जाएगी. उन्होंने कहा कि पशुपालन के साथ आर्गेनिक कृषि पर भी विशेष जोर है. इसके लिए सरकार की ओर से कृषकों को कई रियायतें व सहूलियतें दी जा रही है.

महिलाओं के सशक्तीकरण पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाने पर भी सरकार का विशेष फोकस है. महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार कि ओर से  लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि 2014 में पूरे राज्य में लगभग 43 हजार स्वयं सहायता समूह थे, लेकिन आज सखी मंडलों की संख्या बढ़कर 2.16 लाख पहुंच गई है. महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए उन्हें प्रशिक्षण के साथ रोजगार व स्वरोजगार से भी जोड़ा जा रहा है.

मेरे के शब्दकोष में नामुमकिन शब्द नहीं

रघुवर दास ने कहा कि अगर इरादे नेक हो और काम के प्रति समर्पण और जज्बा होगा कुछ भी नामुमकिन नहीं है. इसी मकसद के साथ केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए केन्द्र और राज्य सरकार काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी का नतीजा है कि 42 सालों से अधूरी पड़ी कोनार सिंचाई परियोजना अब पूर्ण हो चुकी है. इसका फायदा ग्रामीणों को मिलेगा.