मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के संग बैठकर जमीन पर किया भोजन

रघुवर दास ने प्रधानमंत्री के झारखंड दौरे को लेकर दी जानकारी- Panchayat Timess
साभार : ऑफिसियल फेसबुक रघुवर दास

रांची. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सोमवार को साहिबगंज के बरहेट विधानसभा क्षेत्र स्थित मयूरजुटी गांव में जन चौपाल का उद्घाटन किया. यहां पर उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि 70 साल से अधिक हुए आजाद हुए, 14 साल झारखंड अलग होकर भी आदिम जनजाति, जनजाति, दलित, आदिवासी के लिए जो कार्य होना चाहिए था वह नहीं हो सका. पिछले 5 वर्षों में सरकार ने इनके उत्थान के लिए कार्य किया है लेकिन अब भी इनके उत्थान के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है.बरहेट विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने  ग्रामीणों के संग बैठकर जमीन भोजन किया.

सीएम ने आगे कहा कि जनशक्ति और सरकार की शक्ति मिलकर कार्य करेगी तो संथाल में बदलाव स्वतः परिलक्षित होगा. इस जन चौपाल को हम मिलकर बदलाव का माध्यम बनाएंगे. हमारी सरकार यह नहीं कहती कि उसने विगत 5 वर्षों में संथाल को पूरी तरह बदल दिया. लेकिन 2014 की से पूर्व की स्थिति से वर्तमान की स्थिति में बदलाव नजर आ रहा है. मेरा मानना है कि बदलाव तभी नजर आता है जब एक स्थिर सरकार हो, निर्णय लेने वाली सरकार हो, आदिवासी हित, किसान हित, महिला कल्याण के प्रति संवेदनशील और निर्णय लेने वाली हो. तभी राज्य का हर कोई स्वावलंबी और समृद्ध बन सकेगा.

रघुवर दास ने किया जन चौपाल का उद्घाटन

”संथाल को विकास से दूर कर गुमराह करने वालों ने आदिवासी जमीन गलत ढंग से खरीदी”

मुख्यमंत्री ने कहा कि संथाल को विकास से दूर कर उन्हें गुमराह करने वालों ने आदिवासी जमीन गलत ढंग से खरीदी है. संथालवासियों के बीच यह दुष्प्रचार किया गया कि वर्तमान सरकार आपकी जमीन छीन लेगी. लेकिन सरकार के शासनकाल का पांचवा साल है. क्या किसी की जमीन छीनी गई. नहीं यह सिर्फ दुष्प्रचार है. ताकि संथाल वासियों को विकास से अछूता रखा जा सके.ऐसे लोगों की पहचान करें. यह राष्ट्र विरोधी शक्ति है. ये आपका और आपके क्षेत्र का विकास नहीं चाहते. ये नहीं चाहते कि आपके बच्चों के सपने पूरे हों. इस प्रकार का दुष्प्रचार प्रचार करने वालों ने ही संथालपरगना के पाकुड़, पाकुडिया व धनबाद, रांची समेत अन्य जगहों पर सीएनटी/ एसपीटी एक्ट जो आदिवासियों की जमीन को सुरक्षित करती है का उल्लंघन कर 500 करोड़ की जमीन अपने नाम कर ली. अब आपको इस मामले में सजग होने की जरूरत है.

हम किसानों का कल्याण चाहते हैं 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का मूल उद्देश्य किसानों को कृषि कार्य में संसाधन उपलब्ध कराना है, इसके तहत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है. लेकिन इस योजना को लेकर भी खासकर आदिवासी क्षेत्र में यह दुष्प्रचार किया जा रहा है कि उक्त पैसा किसानों की जमीन के एवज में दिया जा रहा है. बाद में उक्त जमीन पर सरकार कब्जा कर लेगी. लेकिन ऐसा नहीं है. सरकार किसानों का कल्याण चाहती है और दुष्प्रचार करने वाले किसानों को कृषि कार्य में पीछे रखना चाहते हैं. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से मिलने वाला 6 हजार रुपए व मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद से प्रति एकड़ मिलने वाला 5 हजार रुपये किसानों को कृषि कार्य में मदद पहुंचाने हेतु प्रदान किया जा रहा है. सरकार को आपकी जमीन से कोई लेना-देना नहीं. साथ ही वर्तमान सरकार के रहते आप की जमीन को कोई नहीं छीन सकता.

2022 तक सभी को घर देने का लक्ष्य

शांति देवी ने मुख्यमंत्री से कहा कि उसे प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभ दिलाने की बात कही. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 तक पूरे देश में कोई बेघर ना रहे यह लक्ष्य निर्धारित कर कार्य किया जा रहा है. झारखंड में भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लाभुकों को लगातार मिल रहा है. घर के साथ एलपीजी, बिजली, और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के प्रति केंद्र व राज्य सरकार गंभीर है. यह सब गरीब, आदिम जनजाति के जीवन में बदलाव लाने के लिए किया जा रहा है. आप सभी को भी आवास अवश्य मिलेगा। इसमें थोड़ा धैर्य की भी जरूरत है.

संथाली भाषा और लिपि को पहचान मिल रही

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार संथाल परगना क्षेत्र के सभी छह जिला दुमका, देवघर, पाकुड़, गोड्डा, जामताड़ा एवं साहिबगंज तथा कोल्हान क्षेत्र के पूर्वी सिंहभूम जिला में संथाल जनजाति समुदाय की बड़ी जनसंख्या को देखते हुए इन जिलों में स्थित सभी सरकारी कार्यालयों/ विद्यालयों के नाम संथाली भाषा की लिपि ओलचिकी में भी लिखे गए है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे न केवल संथाली भाषा-भाषी जनता को सुगमता से सूचना ग्राह्य होगी बल्कि, उनमें अपनी भाषा के प्रति गौरव का भी बोध होगा.