अन्न को तरसते 15 करोड़ बच्चों की मौत

संयुक्त राष्ट्र संघ ने कहा है कि विश्व में भूख से मरने वालों - Panchayat Times
प्रतीक चित्र

नई दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र संघ ने कहा है कि विश्व में भूख से मरने वालों की तादाद में वृद्धि हो रही है. इसका कारण पर्यावरण परिवर्तन बताया गया है. ऐसे लोगों की तादाद अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और एशिया में बताई जा रही है. मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि सन 2016 की तुलना में 2017 में एक करोड़ सत्तर लाख अधिक लोग मर गए हैं. रिपोर्ट में पांच साल से नीचे मरने वाले बच्चों की तादाद 2017 में बढ़कर 15 करोड़ दस लाख बताई जा रही है, जबकि सन 2012 में ऐसे बच्चों की तादाद सोलह करोड़ 50 लाख थी.

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भारत में 20 करोड़ लोग भूखे सोते हैं

देश ने भले ही विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी सफलताएं प्राप्त कर ली हों परंतु अब भी भारतवर्ष की जनसंख्या के एक बड़े हिस्से को भूखे पेट सोना पड़ता है क्योंकि भारी मात्रा में अनाज पैदा होने के बावजूद यह जरूरतमंद लोगों तक पहुंच नहीं पाता. डेलीहंट वेबसाइट के मुताबिक भारत में प्रतिदिन लगभग 20 करोड़ लोग भूखे सोते हैं. यह आंकड़ा चीन में भुखमरी के शिकार लोगों से कहीं अधिक है. मतलब हर पांच में से लगभग एक बच्चा भूखे ही सो जाता है. द क्वींट के मुताबिक कुपोषण के शिकार बच्चे सबसे अधिक भारत में ही हैं. दुनिया के कुल कुपोषित बच्चों में से 50 फीसदी केवल भारत में रहते हैं.