स्कूल में कमरे और टीचर की कमी से बच्चे कर रहे पलायन

कुल्लू. जिला कुल्लू की भुंतर तहसील के साथ लगती ग्राम पंचायत के मिडल स्कूल में बच्चों को उचित व्यवस्था न मिलने के कारण पलायन पर मजबूर होना पड़ रहा है. स्कूल में न तो कमरों की व्यवस्था है और न ही छठी से लेकर आठवीं कक्षा को पढ़ाने वाले शिक्षक. ऐसा नहीं है कि विभाग को इस बात की जानकारी नहीं है. विभाग भी अभी तक इस बारे में कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है. जिसके चलते बच्चों को करीब 3 किलोमीटर दूर बजौरा स्कूल में जाना पड़ रहा है.

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स्कूल प्रबंधन समिति ने भी शिक्षा विभाग से मांग उठाई है कि बच्चों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द स्कूल में अतिरिक्त कमरों और शिक्षकों की तैनाती की जाए ताकि बच्चों को घर से दूर न जाना पड़े. स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष चेत राम ने बताया कि इस स्कूल को पिछले साल मिडल स्कूल का दर्जा मिला है, लेकिन सुविधाएं अभी तक प्राथमिक स्कूल की ही है. अभी स्कूल में छठी और सातवीं की कक्षाएं बैठी हैं, लेकिन उन्हें बैठाने के लिए भी प्राथमिक स्कूल के कमरों का सहारा लेना पड़ रहा है.

वहीं, बच्चों को बैठने के लिए फर्नीचर तो दूर की बात उन्हें टाट तक नसीब नहीं हो पा रही है. उन्होंने बताया कि इस स्कूल में मशंगा और रैरी गांव से भी बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं, लेकिन कमरों और शिक्षकों की कमी के चलते उन्हें भी बजौरा स्कूल का रूख करना पड़ रहा है. जो उन्हें काफी दूर पड़ता है.

उन्होंने शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से आग्रह किया है कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द यहां कमरों और शिक्षकों की व्यवस्था की जाए.