धनबाद : हाईकोर्ट द्वारा सुनाए गए निर्णय के बाद दसवें दिन अनशन समाप्त

धनबाद : हाईकोर्ट द्वारा सुनाए गए निर्णय के बाद दसवें दिन अनशन समाप्त - Panchayat Times
प्रतीक चित्र

धनबाद. बुधवार को हाई कोर्ट के आये आदेश सड़क निर्माण पर रोक लगने के बाद पुराना बाजार डीएवी प्लस 2 स्कूल के खेल मैदान पर जारी आमरण अनशन रांची हाईकोर्ट के द्वारा सुनाए गए निर्णय के बाद अनशन दसवें दिन समाप्त हो गया. कोर्ट ने रेलवे की याचिका खारिज करते हुए फैसला स्कूल प्रबंधन के पक्ष में दिया है.

कोर्ट के आदेश के मुताबिक आगामी 30 सालो के लिए खेल मैदान स्कूल प्रबंधन को लीज पर देने का आदेश रेलवे को दिया है. 2020 से इस लीज की नवीकरण करने को कहा गया है. कोर्ट ने आदेश सुनाते हुए मुकदमा को डिस्पोज कर दिया है. गौरतलब है कि पुराना बाजार डीएवी प्लस 2 स्कूल के खेल मैदान पर रेलवे द्वारा किये जा रहे सड़क निर्माण के विरोध में समाजसेवी रंजीत परमार ने 13 जनवरी को स्कूल के खेल मैदान में आमरण अनशन प्रारम्भ किया था.

बुधवार को इस मामले में हाई कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने की घोषणा की. विधायक राज सिन्हा ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया. स्कूल प्रबंधन के पक्ष में आए फैसले से आंदोलन कारियो में जबरदस्त उत्साह दिखा. बच्चे , महिलाएं सभी ने नाच गा कर इस खुशी का जश्न मनाया.

इस कामयाबी का श्रेय रंजीत परमार ने स्कूली बच्चों, झारखण्ड अस्मिता जागृति मंच के सदस्यों एवं तमाम वैसे लोगो को दिया जिन्होंने इस आंदोलन में उनका कदम से कदम साथ दिया. परमार मीडिया के माध्यम से वर्तमान डीआरएम को अविलम्ब धनबाद डिवीजन से दूसरे जगह अपना ट्रांसफर करा लेने की सलाह दी.

उन्होंने कहा डीआरएम ने अपनी हठधर्मिता का परिचय दिया. विधायक राज सिन्हा ने भी स्थानीय अधिकारियों को आड़े हाथों लिया. इससे पूर्व धरने पर बैठे रणजीत परमार एवं तमाम आंदोलन करियो से मिलने झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह भी पहुँची. उन्होंने परमार के इस आंदोलन को जायज ठहराते हुए अपना पूर्ण समर्थन दिया साथ ही उनसे अनशन तोड़ने की भी अपील की.

क्या कहते है धनबाद विधायक राज सिन्हा

कुछ सिरफिरे अधिकारियों के द्वारा यह काम किया जा रहा था उन्होंने इस बात को ईगो पर ले लिया था. सड़क के लिए वैकल्पिक व्यवस्था रहने के बावजूद अधिकारियों ने इस ग्राउंड को हटाकर सड़क निर्माण का पुरजोर कोशिश किया जो नहीं होना चाहिए था. इस फैसले के बाद ऐसे अधिकारी अपना तबादला कहीं और करवा ले.