बस किराया बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर बिफरी नागरिक सभा, दे दी ये चेतावनी

शिमला. राज्य सरकार की ओर से बस किरायों में  अधिक किराया बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर शिमला नागरिक सभा ने कड़ी निंदा की है. सभा ने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर यह किराया बढ़ोतरी अमल में लाई गई तो जनता आंदोलन करने को मजबूर हो जाएगी. नागरिक सभा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि डीजल और पेट्रोल पर वैट में कटौती की जाए.

शिमला नागरिक सभा अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने गुरुवार को कहा है कि प्रदेश सरकार भारी किराया वृद्धि करके आम जनता पर भारी बोझ लादना चाहती है. हिमाचल प्रदेश में पहले ही पूरे देश की तुलना में सबसे ज्यादा किराया है. पहाड़ी पूर्वोत्तर राज्यों की तुलना में भी हिमाचल में किराया बहुत ज्यादा है. इसके बावजूद भारी किराया वृद्धि करके जनता पर भारी बोझ डाला जा रहा है.

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उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में सामंजस्य की भारी कमी है. मुख्यमंत्री ने कहा था कि बस किराया बढ़ोतरी पर कैबिनेट में निर्णय लिया जाएगा. लेकिन, परिवहन मंत्री ने कैबिनेट मीटिंग के बगैर ही किराया वृद्धि की घोषणा करके जनविरोधी कार्य को अमलीजामा पहनाया है. इस से साफ है कि भाजपा सरकार का रवैया जनता विरोधी है.

विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि केरल,पश्चिम बंगाल,दिल्ली,आंध्र प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में प्रदेश सरकारों ने वैट में कटौती करके जनता को राहत दी है. हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल डीजल में वैट में कोई कटौती न करके पहले ही जनता पर भारी बोझ डाला है और अब बस किराया बढ़ोतरी ने आग में घी डालने का कार्य किया है. उन्होंने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि वह किराया वृद्धि वापिस ले अन्यथा जनता सड़कों पर उतरकर सरकार के जनविरोधी निर्णय का विरोध करेगी.

गौरतलब है कि किराया बढ़ोतरी को लेकर निजी बस आपरेटरों ने दो दिन राज्य में बस सेवाएं ठप्प रखीं. मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के आश्वासन के बाद निजी बस आॅपरेटरों ने हड़ताल वापस ली. निजी बस आॅपरेटरों के दवाब के कारण राज्य सरकार ने किराए में 21 फीसदी बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं.