नई दिल्ली. भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) जस्टिस बी.आर. गवई (CJI BR Gavai) 23 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित उनके विदाई समारोह में उन्होंने कहा कि वे इस संस्थान को “पूरी संतुष्टि और गौरव के साथ” छोड़ रहे हैं और खुद को हमेशा “student of justice” मानते हैं।
CJI भारत की न्यायपालिका का शीर्ष पद है और सुप्रीम कोर्ट का प्रशासनिक प्रमुख भी। संविधान इसकी नियुक्ति के व्यापक प्रावधान तय करता है, जबकि विस्तृत प्रक्रिया वर्षों से चली आ रही परंपराओं पर आधारित है। जानिए नई CJI Appointment Process आखिर कैसे होती है।
Constitutional Provision: संविधान क्या कहता है?
भारतीय संविधान के Article 124 में प्रावधान है कि राष्ट्रपति (President of India) चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की नियुक्ति करेंगे। इसके लिए राष्ट्रपति सुप्रीम कोर्ट के अन्य न्यायाधीशों से परामर्श कर सकते हैं।
हालाँकि, संविधान यह स्पष्ट नहीं करता कि किस आधार पर एक जज को CJI चुना जाए, इसलिए यहाँ seniority convention महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
Seniority Convention: सबसे सीनियर जज को मिलता है मौका
चीफ जस्टिस चुनने का सबसे अहम और स्थापित सिद्धांत है — Seniority Rule
सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज (appointment date के आधार पर) को CJI बनाया जाता है, उम्र के आधार पर नहीं।
यह परंपरा अब Memorandum of Procedure (MoP) का हिस्सा बन चुकी है।
सीनियरिटी से हटकर नियुक्ति केवल अत्यंत दुर्लभ परिस्थितियों में ही होती है।
CJI Appointment Process: नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति कैसे होती है?
- सेवानिवृत्ति से एक महीने पहले प्रक्रिया शुरू होती है
केंद्र सरकार का Ministry of Law & Justice वर्तमान CJI को पत्र लिखकर उनके उत्तराधिकारी का नाम सुझाने को कहता है। - आउटगोइंग CJI द्वारा सिफ़ारिश
आमतौर पर CJI हमेशा सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज का नाम आगे बढ़ाते हैं।
अगर किसी असाधारण स्थिति में CJI को कोई चिंता होती है, तो वे Collegium से भी परामर्श कर सकते हैं — पर ऐसे मामले बहुत कम होते हैं।
- सरकार की भूमिका (Role of the Government) CJI द्वारा भेजी गई सिफ़ारिश Law Minister से PM तक जाती है।
प्रधानमंत्री (Prime Minister) राष्ट्रपति को नियुक्ति की सलाह देते हैं।
CJI की नियुक्ति के मामले में सरकार आमतौर पर पुनर्विचार नहीं मांगती — यहाँ CJI की सिफ़ारिश ही अंतिम मानी जाती है।
Formal Appointment: राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति और शपथ
प्रधानमंत्री की सलाह के बाद President of India द्वारा नियुक्ति पत्र (warrant of appointment) पर हस्ताक्षर किए जाते हैं।
इसके बाद नए CJI को राष्ट्रपति भवन में शपथ दिलाई जाती है।
CJI का कार्यकाल तब तक रहता है जब तक वे 65 वर्ष की आयु पूरी नहीं कर लेते।
Justice Surya Kant बने अगले CJI
आउटगोइंग CJI जस्टिस बी.आर. गवई ने परंपरा के मुताबिक सबसे सीनियर जज जस्टिस सूर्य कांत के नाम की सिफ़ारिश की।
राष्ट्रपति ने उन्हें भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश (Next Chief Justice of India) नियुक्त कर दिया है।
Justice Surya Kant 24 नवंबर को शपथ लेंगे।
