नई दिल्ली. भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) जस्टिस संजीव खन्ना ने मंगलवार, 13 मई 2025 को अपने पद से सेवानिवृत्त होते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक ऐतिहासिक अध्याय का समापन किया। 20 वर्षों के लंबे न्यायिक करियर के अंत में उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह Retirement के बाद कोई सरकारी पद (Post-Retirement Position) स्वीकार नहीं करेंगे।
Final Day at Supreme Court: सम्मान, भावनाएं और सिद्धांतों की बात
CJI खन्ना ने Supreme Court Bar और Bench के सदस्यों से मुलाकात की और अपने विदाई भाषण में कहा कि जनता का विश्वास दिया नहीं जा सकता, उसे अर्जित करना पड़ता है, और सुप्रीम कोर्ट ने यह किया है। उन्होंने कहा कि एक बार जब आप वकील बनते हैं, तो आप हमेशा वकील रहते हैं… न्यायपालिका सिर्फ Bench नहीं है, बार भी है।
Justice B.R. Gaviai होंगे अगले CJI
Chief Justice Khanna ने Justice B.R. Gavai, जो 14 मई को भारत के 52वें CJI बनेंगे, की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि जस्टिस गवई उनके सबसे बड़े समर्थक रहे हैं और उनके रूप में देश को एक महान CJI मिलेगा।
Formal Bench में Justice Sanjay Kumar और Justice Gavai के साथ CJI Khanna ने एक ऐसी विरासत को याद किया, जो उनके चाचा Justice H.R. Khanna से जुड़ी है। वही जस्टिस खन्ना जिन्होंने ADM Jabalpur (1976) केस में आपातकाल के दौरान संवैधानिक अधिकारों के पक्ष में अकेले असहमति जताई थी।
Judicial Journey: खन्ना का 20 साल का न्यायिक सफर
- 2005 में दिल्ली हाईकोर्ट में Additional Judge के रूप में नियुक्त हुए
- बाद में बने Permanent Judge
- 2019 में Supreme Court में नियुक्ति
- नवंबर 2024 में बने भारत के CJI
Historic Judgments और Constitutional Impact
Justice Khanna अपने कार्यकाल में कई अहम फैसलों का हिस्सा रहे, जिनमें शामिल हैं:
- Article 370 Verdict
- Decriminalization of Adultery
- Electoral Bonds Case
- EVM-VVPAT Tally Dispute
उनकी न्यायिक शैली को “सरल, सुंदर और संविधानिक मूल्यों से परिपूर्ण” बताया गया।
Justice Gavai का विदाई संदेश: “यह अंत नहीं, एक नई शुरुआत है
नवनियुक्त CJI Justice B.R. Gavai ने कहा कि Justice Khanna ने “एक विरासत को अपनाया नहीं, बल्कि अपनी बनाई”। उन्होंने कहा,
“ऐसे नाम की छाया में चलना कोई छोटी बात नहीं, लेकिन Justice Khanna ने उसे पूरी तरह अपनाया और नया आयाम दिया।”
