71वें गणतंत्र दिवस पर हेमंत सोरेन ने दुमका में फहराया झंडा, साथ ही झारखंड के प्रतीक चिह्न के लिए मांगे सुझाव

71वें गणतंत्र दिवस पर हेमंत सोरेन ने दुमका में फहराया झंडा, साथ ही झारखंड के प्रतीक चिह्न के लिए मांगे सुझाव - Panchayat Times

दुमका/रांची. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 71वें गणतंत्र दिवस के मौके पर रविवार को दुमका पुलिस लाइन में  झंडा फहराया और परेड की सलामी ली. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून हाथ में लेने की किसी को भी इजाजत नहीं दी जाएगी. ऐसे लोगों से सरकार कड़ाई से निपटेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि चाईबासा लोहरदग्गा की घटनाएं शर्मनाक हैं. लोग अपनी बात अहिंसा का पालन करते हुए रखें. भारत का संविधान सभी को अपने धर्म संप्रदाय, भाषा, परंपरा और संस्कृति के अनुसार जीवन जीने का अधिकार देता है.

उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य संविधान के प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार चलेगा. संविधान को चुनौती देने का किसी को अधिकार नहीं दिया जा सकता. मुख्यमंत्री ने कहा कि भीड़तंत्र के आगे सरकार नहीं झुकेगी. न ही किसी को मनमानी करने की छूट दी जाएगी.

झारखंड के प्रतीक चिह्न के लिए मांगे सुझाव

इसी के साथ हेमन्त सोरेन ने रविवार को प्रदेश की जनता से झारखंड के प्रतीक चिह्न के लिए सुझाव मांगे. उन्होंने कहा कि लोग अपने सुझाव 11 फरवरी तक ई-मेल jharkhandstatelogo@gmail.com पर भेज सकते हैं. लोग सुझाव भेजने के साथ अमुक प्रतीक चिह्न का उद्देश्य, उसका डिजायन और नाम, पता और फोन नंबर भी लिखें.

उल्लेखनीय है कि मंत्रिपरिषद ने पहली बैठक में राज्य के प्रतीक चिह्न के निर्माण का निर्णय लिया गया था.  मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड नई राह की ओर है. प्रतीक चिह्न सबकी आकांक्षाओं के अनुरूप होगा. यह हमारी समृद्ध संस्कृति और विरासत का प्रतिबिंब होगा. हमारी पहचान भी होगा. इसके निर्माण में सभी लोग भागीदार बनें.