आने वाली पीढ़ी को अधिक हरा-भरा झारखंड सौंपना है : रघुवर दास

झारखंड में बीते साढ़े चार साल में 36,310 हेक्टेयर वन क्षेत्रों का विस्तार

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि जल-जंगल-जमीन हमारे लिए सिर्फ नारा नहीं है

रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि जल-जंगल-जमीन हमारे लिए सिर्फ नारा नहीं है. हमें विरासत में हरा-भरा प्रदेश मिला है, आने वाली पीढ़ी को हमें हरा-भरा प्रदेश देना है. इसी को ध्यान में रखकर प्राकृतिक वनों को बढ़ाया जा रहा है. इसी का नतीजा है कि साढ़े चार साल में 36,310 हेक्टेयर वन क्षेत्रों का विस्तार हुआ है. दास शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे.

उन्होंने कहा कि पहली बार बांस-बखार की सफाई का काम भी किया गया. इसके भी काफी अच्छे नतीजे आये हैं. वन क्षेत्र में बांस उगाकर वहां के स्थानीय निवासी अच्छी आमदनी कर सकेंगे. दास ने कहा कि यह झारखंड के लिए उपलब्धि है कि प्रदेश में कुल भौगोलिक क्षेत्रफल में 33.21 प्रतिशत वन हो गये हैं. अब राज्य के 26,475 वर्ग किमी क्षेत्र में वन व वृक्ष हैं. झारखंड में करम वृक्ष की पूजा की जाती है. इसी को ध्यान में रखते हुए पिछले वर्ष करम के पौधों का रोपन अभियान चलाया गया. इसमें पूरे राज्य में 60 हजार करम के पौधे लगाये गये हैं. वर्ष 2011 से 2014 तक राज्य में 20,068 हेक्टेयर वनभूमि में पौधरोपण किया गया.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जंगलों में रहने वाले लोगों को वन पट्टा दे दिया है. अब उन्हें सड़क, पानी आदि मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराना भी सरकार का काम है. बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री जन वन योजना का काफी अच्छे परिणाम आये हैं. इस योजना में पौधे लगाने के लिए राज्य सरकार 75 प्रतिशत अनुदान देती है. इससे अब तक 1116 किसान लाभांवित हो चुके हैं. मुख्यमंत्री ने यह संख्या और बढ़ाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जल संरक्षण में भी वन विभाग की अहम भूमिका हो सकती है. वन विभाग ऐसी योजनाएं बनाये ताकि बरसात का पानी वन क्षेत्रों में ही रोका जा सके. इसके लिए छोटे-छोटे चेक डैम, बोरा बांध आदि बनाये जा सकते हैं. बैठक में वन विभाग के अपर मुख्य सचिव इंदुशेखर चतुर्वेदी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार बर्णवाल, पीसीसीएफ संजय कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.